झारखंड पुलिस के रडार पर कई झोला छाप डॉक्टर,ईलाज के नाम पर नक्सलियों की कर रहे मदद
राष्ट्रीय सागर संवाददाता
रांची: झारखंड नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र के झोला छाप डॉक्टर इन दिनों नक्सलियों और उनके संगठन की मदद कर रहे हैं। घायल या बीमार होने की स्थिति में नक्सलियों की इलाज करते हैं, साथ ही कई मौके पर दूसरे तरीके से मदद भी करते हैं। झोला छाप डॉक्टर मुठभेड़ के बाद नक्सलियों का इलाज के साथ-साथ उनको कई तरह से मदद कर रहे हैं। पुलिस ने ऐसे कई झोला छाप डॉक्टर को चिन्हित किया है जो नक्सलियों की मदद कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित पलामू, चतरा और लातेहार सीमा पर ऐसे कई डॉक्टर जो प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी और जेजेएमपी की मदद कर रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टर जंगल में जाकर नक्सलियों को कई सूचनाएं देते हैं और उन्हें दवा की सप्लाई करते हैं। पुलिस के जांच में यह पता चला है कि पलामू और चतरा सीमा पर माओवादी और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी, इस मुठभेड़ में टॉप माओवादी नंदकिशोर यादव को गोली लगी थी, नंदकिशोर यादव को पार्टी के इलाके के स्थानीय झोलाछाप डॉक्टर विजय यादव ने मदद की थी। विजय यादव ने ही नंदकिशोर यादव का इलाज किया था और उसे छुपने में मदद की थी। वहीं दूसरी घटना पलामू चतरा सीमा पर कुछ दिनों पहले टीएसपीसी के जोनल कमांडर शशिकांत गंझू की तबीयत खराब हो गई थी। एक झोलाछाप डॉक्टर ने जंगल में जाकर उसका इलाज किया था। पलामू के जोनल आईजी राजकुमार लकड़ा ने बताया कि नक्सली संगठनों को मदद करना कानून अपराध है, झोला छाप डॉक्टर या इस तरह के अन्य लोग जो नक्सलियों की मदद कर रहे हैं उनके खिलाफ का कानूनी कर्रवाई की जा रही है और आगे चिन्हित कर कार्रवाई करने की तैयारी है।





