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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:28 · नई दिल्ली संस्करण

नए निवेश और रोजगार सृजन को गति देगा बजट : दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसो

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
नए निवेश और रोजगार सृजन को गति देगा बजट : दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसो

नई दिल्ली। दिल्ली मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (डीएमएफ) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 का स्वागत करते हुए इसे उद्योग जगत के लिए विश्वास, स्थिरता व दीर्घकालिक विकास का बजट बताया। संगठन का मानना है कि बजट की घोषणाओं को समयबद्ध और प्रभावी रूप से लागू किया गया तो यह भारत को उत्पादन, रोजगार और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल गुप्ता ने रविवार को कहा कि इस बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को केवल सहायता प्राप्त करने वाला नहीं बल्कि राष्ट्रीय विकास का सक्रिय भागीदार माना गया है। 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित एमएसएमई विकास कोष की घोषणा से उद्योगों को इक्विटी आधारित विस्तार पूंजी उपलब्ध होगी, जो नए निवेश और रोजगार सृजन को गति देगी। इसके साथ ही स्वावलंबी भारत कोष में 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान विकासशील उद्योगों को मिश्रित वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा एमएसएमई से की जाने वाली खरीद को व्यापार देय रसीद छूट प्रणाली (टी-रेड्स) मंच पर अनिवार्य करना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगा। साथ ही ऋण गारंटी न्यास योजना के अंतर्गत बिना संपार्श्विक कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना एमएसएमई क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है।एसोसिएशन के महासचिव विनीत जैन ने कहा कि जीईएम और टी-रेड्स के एकीकरण से ऑर्डर से भुगतान तक पारदर्शी और तेज डिजिटल प्रक्रिया बनेगी। द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शहरों में प्रस्तावित “कॉरपोरेट मित्र” पहल से अनुपालन लागत कम होगी और छोटे उद्योगों को सस्ती पेशेवर सहायता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि कई औद्योगिक कच्चे माल और पुर्जों पर आयात शुल्क में राहत से उत्पादन लागत घटेगी। 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन की योजना से स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा मिलेगी। निर्यात उन्मुख एमएसएमई के लिए शुल्क राहत और समयसीमा विस्तार से कार्यशील पूंजी पर दबाव कम होगा। सेवा क्षेत्र के लघु उद्योगों के लिए देखभाल अर्थव्यवस्था, चिकित्सा मूल्य पर्यटन, एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स), डिजाइन तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे, जिससे रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

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