मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:08 · नई दिल्ली संस्करण

अररिया में 12 करोड़ की लागत से बकरा नदी पर बन रहा पड़रिया पुल ढहा -पुल का चार पाया नदी में समाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अररिया में 12 करोड़ की लागत से बकरा नदी पर बन रहा पड़रिया पुल ढहा -पुल का चार पाया नदी में समाया

अररिया में 12 करोड़ की लागत से बकरा नदी पर बन रहा पड़रिया पुल ढहा

-पुल का चार पाया नदी में समाया

अररिया। बिहार में अररिया जिले के सिकटी अन्तर्गत पड़रिया में बकरा नदी पर कुल 12 करोड़ की लागत से बन रहा पुल मंगलवार को बकरा नदी में समा गया।पुल का तीन से चार पाया नदी में समा गया।पुल के नदी में समाने को लेकर सांसद प्रदीप कुमार सिंह और सिकटी भाजपा विधायक विजय कुमार मंडल ने इसे संवेदक और विभागीय लापरवाही का नतीजा करार दिया। सांसद और विधायक ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि पुल की पाइलिंग में गड़बड़ी बरतने के साथ रात में संवेदक के द्वारा गुणवत्ता विहीन काम करने का नतीजा है पुल का गिरना। सांसद ने मामले की जांच उच्च स्तरीय टीम के साथ कराने के साथ जिम्मेवार संवेदक और विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही।पुल निगम के अधिकारी इस बाबत कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।सिकटी भाजपा विधायक विजय कुमार मंडल ने संवेदक द्वारा रात के अंधेरे में पुल का निर्माण व पाइलिंग कार्य किये जाने की बात करते हुए कहा कि पुल का अगर पाइलिंग सही होता तो उसका तीन से चार पाया बकरा नदी के गर्भ में नहीं समाता। उन्होंने विभागीय अधिकारी व संवेदक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यहां तक कहा है कि तत्काल संवेदक व विभागीय कार्यपालक अभियंता व विभागीय अधिकारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाय।बकरा नदी पर पडरिया के पास बन रहा यह पुल जिले के सिकटी प्रखंड और कुर्साकांटा प्रखंड को जोड़ने वाला अति महत्वपूर्ण पुल था।शुरुआती दौर में यह 7 करोड़ 80 लाख की लागत का था,लेकिन बाद में नदी की धारा बदलने और एप्रोच सड़क को लेकर कुल 12 करोड़ की लागत का हो गया था।लेकिन पड़रिया पुल बनने से पहले ही अपने निर्माण के दौरान ही नदी के गर्भ में समा गया।जबकि वर्षों से स्थानीय लोगों की मांग पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह और विधायक विजय कुमार मंडल ने अथक प्रयास से यहां पुल बनना शुरू हुआ था।इतना ही नहीं जब यह पुल बनना शुरू हुआ तो पहली बार नदी का किनारा बाढ़ के कारण दूर हो गया। इसके बाद 12 करोड़ की लागत से नदी को किनारे तक को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण शुरू हुआ। लेकिन विभागीय लापरवाही व संवेदक की लापरवाही के कारण पुल बकरा नदी के गर्भ में समा गया।उल्लेखनीय है कि बकरा नदी व कुर्साकांटा के बीच डोमरा बांध पर इस पुल का निर्माण हो रहा था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें