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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:41 · नई दिल्ली संस्करण

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि

रायपुर। रायपुर में रविवार काे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनायी। रायपुर के शारदा चौंक स्थित परम श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके आदर्शों का पालन करने का आह्वान किया।इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते मुख्य वक्ता जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने बताया कि भारत माता के इस वीर पुत्र का जन्म 6 जुलाई, 1901 को हुआ था। इनके पिता आशुतोष मुखर्जी बंगाल में एक शिक्षाविद् और बुद्धिजीवी के रूप में प्रसिद्ध थे। कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक होने के पश्चात डॉ. मुखर्जी 1923 में सेनेट के सदस्य बने। अपने पिता की मृत्यु के पश्चात 1924 में उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। 1926 में उन्होंने इंग्लैंड के लिए प्रस्थान किया जहां लिंकन्स इन कॉलेज से 1927 में बैरिस्टर की परीक्षा उत्तीर्ण की।दक्षिण विधान सभा के विधायक सुनील सोनी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी भारत की अखंडता और कश्मीर के विलय के दृढ़ समर्थक थे। उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को भारत के बाल्कनीकरण की संज्ञा दी थी। अनुच्छेद 370 के राष्ट्रघातक प्रावधानों को हटाने के लिए भारतीय जनसंघ ने हिन्दू महासभा और रामराज्य परिषद के साथ सत्याग्रह आरंभ किया। डॉ. मुखर्जी 11 मई, 1953 को कश्मीर में परमिट सिस्टम का विरोध किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंडल अध्यक्ष विपिन शर्मा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक दक्ष राजनीतिज्ञ, विद्वान और स्पष्टवादी के रूप में वे अपने मित्रों और शत्रुओं द्वारा सामान रूप से सम्मानित थे। एक महान देशभक्त और संसद शिष्ट के रूप में भारत उन्हें सम्मान के साथ याद करता है।इस अवसर पर रायपुर लोकसभा के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, दक्षिण विधान सभा के विधायक सुनील सोनी, उत्तर विधान सभा विधायक पुरंदर मिश्रा, पश्चिम विधान सभा विधायक राजेश मूणत, भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, नगर पालिक निगम रायपुर महापौर मीनल चौबे एवं महिला मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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