राहुल गांधी की सदस्यता जाने पर हमलावर विपक्ष को जवाब देने के लिए BJP ने बनाया प्लान, नेताओं को दिए ये खास निर्देश

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता जाने के बाद विपक्ष केंद्र पर हमलावर है तो वहीं बीजेपी ने भी जवाब देने के लिए रणनीति बना ली है.
Rahul Gandhi Disqualified News: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने पर एक तरफ जहां विपक्ष केंद्र सरकार और बीजेपी पर हमलावर है, वहीं बीजेपी ने भी उसे जवाब देने के लिए अपना प्लान तैयार कर लिया है. बीजेपी नेताओं को खास निर्देश दिए गए हैं. दरअसल, 'मोदी सरनेम' वाले आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को गुजरात के एक कोर्ट से मिली सजा के बाद, बीजेपी ने कांग्रेस पर ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) समाज का अपमान करने का आरोप लगाया है.
इसी क्रम में संसदीय कार्य मंत्री और बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार (24 मार्च) को कुछ प्रमुख ओबीसी नेताओं के साथ बैठक कर मामले को जोरशोर से उठाने का निर्देश दिया. बैठक में करीब 15 सांसद शामिल हुए. संसदीय कार्य मंत्री की ओर से उन सांसदों को निर्देश दिया गया कि ओबीसी समुदाय के अपमान के मुद्दे को मीडिया के माध्यम से जोरशोर से उठाया जाए. इसके बाद, शुक्रवार को ही बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस मसले पर बात की गई. बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने भी ओबीसी वाले मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा.
'किसी को भी गाली-गलौज करने का अधिकार नहीं'
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस वार्ता में कहा, ''कल कांग्रेस पार्टी के एमपी राहुल गांधी के ऊपर एक मानहानि मामले में... मानहानि मामला इसीलिए हुआ था कि एक सार्वजनिक सभा में देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी को जातिवाचक शब्द लेकर गाली देना, अपशब्द कहना.. इसी आरोप में जब कोई पिछड़े वर्ग के भाई के मन में इसके कारण प्रतिक्रिया हुई, उन्होंने अपने अधिकार को जाहिर करते हुए न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया, भारत के आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) के तहत संरक्षण मांगा कि भारत आजाद हो चुका है, सामंतवादियों के हाथ में नहीं है, प्रजातंत्र है, इसमें किसी को भी गाली-गलौज करने का अधिकार नहीं है, जातिवाचक शब्द लेकर अपशब्द व्यवहार करने का अधिकार नहीं है, कोई भी है.''
शिक्षा मंंत्री ने आगे कहा, ''केस अभी तक चल ही रहा था. पक्ष-विपक्ष अपने विषय रख रहे थे. न उसमें सरकार या भारतीय जनता पार्टी से उसमें कोई शामिल था. न्यायपालिका ने बीते कल समाज में तनाव विभेद के आरोप में कांग्रेस पार्टी के सांसद को दो साल की सजा सुनाई. इसमें ओबीसी समाज, जो आज चट्टान की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व के साथ... देश के एससी-एसटी, वंचित वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ खड़े हुए हैं. जो उस बयान के माध्यम से केवल एक बार नहीं, अनेक बार... (खड़े हुए हैं)''
'आज ओबीसी समाज आहत हुआ है- धर्मेंद्र प्रधान
एक सवाल के जवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ''आज ओबीसी समाज आहत हुआ है. यह स्वाभिमान की बात है, यह एक अस्मिता की बात है. न केवल ओबीसी समाज, देश की सामान्य पृष्ठभूमि के लोगों की कैसे ये सामंतवादी इज्जत करते हैं, ये इसका प्रमाण है. देश में कोई अभियान चलाने की आवश्यकता नहीं है. यह अपने आप में एक प्रसंग बना है, 2019 का चुनाव इस बयान (राहुल गांधी का मोदी सरनेम वाला बयान) के बाद सबसे बड़ा जन अभियान था. यह आगे चलता रहेगा.''
बीजेपी के आरोप पर कांग्रेस का पलटवार
बता दें कि इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ओबीसी मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा. वहीं काग्रेस की ओर से पलटवार में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि बीजेपी मुख्य मुद्दे को दरकिनार करने के लिए ऐसा कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा ओबीसी, एससी-एसटी, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी रही है और उनके लिए लड़ी है.





