एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर बीजेपी का विपक्ष पर तीखा हमला, गौरव भाटिया ने राहुल और तेजस्वी से माफी की मांग की

एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर बीजेपी का विपक्ष पर तीखा हमला, गौरव भाटिया ने राहुल और तेजस्वी से माफी की मांग की
11 जुलाई 2025, शुक्रवार | नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आज नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी और कर्नाटक में कांग्रेस की भीतरी खींचतान को लेकर विपक्षी दलों—कांग्रेस और राजद—पर तीखा हमला बोला।
भाटिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR की प्रक्रिया को वोटिंग प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने वाला कदम बताया है। यह टिप्पणी उन सभी आरोपों का सीधा और ठोस जवाब है, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने SIR के विरोध में लगाए थे। उन्होंने पूछा कि क्या तेजस्वी यादव सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानेंगे या नहीं?
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के एक दिन पहले पटना की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन क्यों कर रहे थे? क्या इससे यह साबित नहीं होता कि इन नेताओं को देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था पर कोई भरोसा नहीं है? भाटिया ने जोर देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को आत्मचिंतन करना चाहिए और देश और बिहार की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
भाटिया ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि SIR की पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें हस्तक्षेप उचित नहीं है। ऐसे में विपक्षी दलों द्वारा इस प्रक्रिया को बदनाम करना न केवल लोकतंत्र का अपमान है बल्कि जनता को गुमराह करने का भी प्रयास है।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज वहां की जनता कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई की वजह से त्रस्त है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार केवल सत्ता की कुर्सी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि जनता सुशासन की अपेक्षा कर रही है। भाटिया ने कहा कि एक नेता कुर्सी से हटना नहीं चाहता, और दूसरा उसे छीनना चाहता है—ऐसी ओछी राजनीति का सबसे बड़ा नुकसान कर्नाटक की जनता को हो रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंत में, भाटिया ने कहा कि जो दल और नेता संविधान और न्यायपालिका पर भरोसा नहीं रखते, उन्हें देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी और समय आने पर लोकतांत्रिक जवाब अवश्य देगी।





