भाजपा को मिला अन्नपूर्णा के बाद सीता और गीता का सहारा

भाजपा को मिला अन्नपूर्णा के बाद सीता और गीता का सहारा
रांची: लोकसभा चुनाव 2024 में प्रदेश भाजपा ने दूसरे दलों से आई महिला नेताओं पर ज्यादा भरोसा किया है जबकि अपने ही कैडर की महिलाओं को मौका तक देशना मुनासिब नहीं समझा। है।झारखंड की कुल 14 लोकसभा सीटों में से 13 सीटों पर भाजपा ने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। इनमें तीन सीटों पर जिन महिला प्रत्याशियों का नाम घोषित किया है, वे सभी दूसरे दलों से आई हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त भाजपा ने 11 सीटें जीती थी। बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद की बेहद करीबी और झारखंड राजद की प्रदेश अध्यक्ष रहीं अन्नपूर्णा देवी का नाम शामिल था, जिन्होंने पूरे राज्य में सबसे ज्यादा वोट के अंतर से कोडरमा सीट पर जीत का रिकॉर्ड कायम किया था। इसका उन्हें इनाम भी मिला और मोदी कैबिनेट में राज्य मंत्री बन गईं। 2024 के चुनाव में इस लिस्ट में दो और महिलाओं का नाम जुड़ गया है। झामुमो से आईं शिबू सोरेन की बड़ी बहू और जामा से विधायक रहीं सीता सोरेन को दुमका तो कांग्रेस को सिंहभूम सीट जीताने वाली इकलौती सांसद रहीं गीता कोड़ा को भाजपा ने सिंहभूम का प्रत्याशी बनाकर राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है।जाहिर है कि अपने महिला कैडर की अनदेखी कर भाजपा को ऐसा फैसला लेना पड़ा है। लिहाजा, इसपर बहस शुरु हो गई है।





