Bihar: सर बोले, आओ गले लगो तुमको बताते हैं कि प्रेग्नेंट कैसे होते हैं, बिहार में शिक्षा व्यवस्था हुई शर्मसार..!!
"..मैं एक लड़के से बात करती थी, तो सर को पता चल गया। उन्होंने समझाने के बहाने मुझे ऑफिस में बुलाया, और मुझे गले से लगा लिया।

"..मैं एक लड़के से बात करती थी, तो सर को पता चल गया। उन्होंने समझाने के बहाने मुझे ऑफिस में बुलाया, और मुझे गले से लगा लिया। फिर उन्होंने मेरे प्राइवेट पार्ट पर हाथ रख दिया और बोले कि आओ मैं तुम्हें बताता हूं कि प्रेग्नेंट कैसे होते हैं। सर बोले कि मैं तुम्हें बताता हूं कि यौन संबंध क्या होता है।" ये आरोप एक नौवीं कक्षा की छात्रा ने अपने स्कूल के निदेशक पर लगाया है, जिसके बाद बिहार में शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मामला बिहार के जमुई में सामने आया है, जहां एक निजी विद्यालय की छात्रा ने अपने स्कूल के निदेशक पर गंभीर आरोप लगाये हैं।
हालांकि मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्कूल के निदेशक आशीष सिंह को हिरासत में ले लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। मामला बीते रविवार शाम को सामने आया। पीड़िता ने बताया कि मैं नौंवी कक्षा में पढ़ती हूं, तथा मैं एक लड़के से बात करती थी। इस बात की जानकारी मिलने के बाद आशीष सर ने मुझे अपने ऑफिस बुलाया, वहां उनके अलावा कोई नहीं था। छात्रा का आरोप है कि इस दौरान निदेशक ने उसके वक्षस्थलों को हाथ लगाया तथा उस से संबंध बनाने और गर्भधारण की बात की।
परिजनों ने स्कूल के बाहर किया हो हंगामा: इधर पीड़िता ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद रविवार शाम उसके परिजन स्कूल पहुंचे थे। परिजनों का भी आरोप है कि जब वो स्कूल पहुंचे और उन्होंने स्कूल के निदेशक से मिलने की कोशिश की, तो उन्होंने मिलने से मना कर दिया और पीड़िता से भी नहीं मिलने दिया गया। इसके बाद स्कूल का गेट बंद कर दिया गया। इसके बाद परिजन वहीं गेट के सामने जमा हो गए और हो हंगामा करने लगे, तब जाकर उन्होंने छात्रा से मुलाकात की। पीड़िता ने जब अपने परिजनों को सारी बात बताई, तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जमुई सदर थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूल के निदेशक को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। सदर एसडीपीओ दीप्ति मोनाली ने कहा है कि पीड़िता के द्वारा लिखित आवेदन दिया जायेगा तो मामले में कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए कई तरह के सवाल: जमुई में सामने आई इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को परिवार से दूर हॉस्टल में इस भरोसे के साथ भेजा जाता है कि वहां उनकी सुरक्षा और देखभाल की पर्याप्त व्यवस्था होगी। ऐसे में किसी छात्रा की शिकायत सामने आने पर स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही और शिकायत निवारण व्यवस्था की भी जांच जरूरी हो जाती है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और हॉस्टल की व्यवस्थाओं में कहीं लापरवाही हुई या नहीं। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
निदेशक ने आरोपों को बताया गलत: दूसरी ओर, निदेशक आशीष सिंह ने छात्रा और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं और स्कूल की छवि खराब करने की साजिश के तहत ऐसा किया गया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है। ऐसे में किसी भी आरोप को जांच पूरी होने से पहले सही या गलत मानना उचित नहीं होगा। पुलिस छात्रा के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।




