मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:13 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार चुनाव 2025: निर्वाचन आयोग ने प्रिंट विज्ञापनों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार चुनाव 2025: निर्वाचन आयोग ने प्रिंट विज्ञापनों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और आठ विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के लिए प्रिंट मीडिया में विज्ञापनों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।

यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

आयोग ने मतदान की तारीखें 6 नवंबर (गुरुवार) और 11 नवंबर (मंगलवार) तय की हैं, जो दो चरणों में होंगे। इन दिशानिर्देशों के तहत प्रचार के दौरान अनुचित प्रभाव को रोकने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।

आयोग के अनुसार, कोई भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार, संगठन या व्यक्ति मतदान के दिन और उससे एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकता, जब तक कि उसकी सामग्री को राज्य या जिला स्तर की मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) से पूर्व-प्रमाणन न मिले।

बिहार में यह प्रतिबंध पहले चरण के लिए 5 और 6 नवंबर को, जबकि दूसरे चरण के लिए 10 और 11 नवंबर 2025 को लागू होगा। यह कदम मतदाताओं को गलत जानकारी से बचाने और निष्पक्ष माहौल बनाने के लिए उठाया गया है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, जो लोग प्रिंट विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणन चाहते हैं, उन्हें विज्ञापन प्रकाशन की प्रस्तावित तारीख से कम से कम दो दिन पहले एमसीएमसी में आवेदन करना होगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई विज्ञापन 6 नवंबर को छपना है, तो 4 नवंबर तक आवेदन जमा करना जरूरी है।

आयोग ने बताया कि राज्य और जिला स्तर पर एमसीएमसी को सक्रिय कर दिया गया है। ये समितियां विज्ञापनों की जांच तेजी से करेंगी और जल्द से जल्द निर्णय लेंगी ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।

आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से इन नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में आगामी चुनावों को स्वच्छ और निष्पक्ष बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी इन दिशानिर्देशों को लागू करने में सहयोग करेंगे। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे जागरूक रहें और किसी भी अनुचित प्रचार की शिकायत तुरंत निर्वाचन आयोग से करें।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें