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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:29 · नई दिल्ली संस्करण

सीता सोरेन के बीजेपी में आने से झारखंड की राजनीति में बड़ा परिवर्तन , क्योंकि उत्तराधिकारी दुर्गा सोरेन को मानते थे गुरुजी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीता सोरेन के बीजेपी में आने से झारखंड की राजनीति में बड़ा परिवर्तन , क्योंकि उत्तराधिकारी दुर्गा सोरेन को मानते थे गुरुजी

सीता सोरेन के बीजेपी में आने से झारखंड की राजनीति में बड़ा परिवर्तन , क्योंकि उत्तराधिकारी दुर्गा सोरेन को मानते थे गुरुजी

रांची: सोरेन परिवार में आई दरार से गुरुजी सदमे में हैं। शिबू सोरेन की बहू और दुर्गा सोरेन की पत्नी सीता सोरेन का झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर भाजपा में जाना झारखंड की राजनीति के लिए एक बड़ा परिवर्तन है और इसका दूरगामी परिणाम साबित हो सकता है। भले ही झामुमो दावा कर रहा है कि सीता सोरेन के भाजपा में जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन राजनीति की समझ रखने वाले लोग सीता के इस फैसले को झारखंड और झामुमो की राजनीति को आने वाले समय के साथ जोड़कर देख रहे हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा के दिग्गज नेता रहे दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं और दुर्गा सोरेन आज भी झारखंड के लाखों लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। बोकारो के लोग गुरुजी शिबू सोरेन का उत्तराधिकारी दुर्गा सोरेन को ही मानते थे। दुर्गा सोरेन के असामयिक निधन ने झामुमो के साथ-साथ उन्हें चाहने वाले लाखों लोगों को झकझोर कर रख दिया था। उनके प्रशंसक आज भी उस सदमे से उबर नहीं पाए हैं। वह बोकारो से ही पूरे राज्य की राजनीति पर पकड़ रखते थे। हालांकि दुर्गा सोरेन के निधन के बाद सीता सोरेन राजनीति में सक्रिय हुईं सीता ने कहा था कि वह पार्टी के रवैये से खुश नहीं है। लेकिन सीता के सब्र का बांध अंतत: टूट गया और उसने एक झटके में पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले सीता ने एक बड़ा कदम उठाया है। कुछ महीनों के बाद विधानसभा के चुनाव भी होने वाले हैं।

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