मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:49 · नई दिल्ली संस्करण

सरगुजा में लीज खत्म होने के बाद भी बॉक्साइट खनन, किसानों ने दी चक्काजाम की चेतावनी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सरगुजा में लीज खत्म होने के बाद भी बॉक्साइट खनन, किसानों ने दी चक्काजाम की चेतावनी

अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के ग्राम बरिमा में बॉक्साइट खनन को लेकर बारूद जैसा आक्रोश पनप रहा है। छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) पर आरोप है कि उसकी वैध लीज अवधि समाप्त होने के बावजूद आदिवासियों और किसानों की जमीनों को छलनी कर कथित तौर पर अवैध उत्खनन और परिवहन बेधड़क जारी रखा गया है। अनुबंध की मियाद खत्म होने के बाद भी पिछले दो वर्षों में करीब 350 ट्रक बॉक्साइट निकाल कर बेचे जाने का सनसनीखेज दावा करते हुए भू-स्वामियों ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।

राजस्व प्रकरण क्रमांक 01/अ-82/2014-15 के आधिकारिक आदेश के तहत 4 जनवरी 2017 को यह जमीन सीएमडीसी को ठीक सात वर्षों के लिए दी गई थी। इस वैधानिक समझौते की सबसे मुख्य शर्त यह थी कि खनन के बाद जमीन को उसके मूल स्वरूप में सुधार कर भू-स्वामियों को वापस सौंपा जाएगा। हकीकत यह है कि वर्ष 2024 में यह लीज पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, लेकिन न तो किसानों की जमीनें उन्हें समतल व मूल स्वरूप में लौटाई गईं और न ही फसल व भूमि का बकाया मुआवजा मिला। उल्टे बिना किसी लीगल राइट्स के इन खसरा नंबरों से भारी मशीनें उतारकर करोड़ों का बॉक्साइट बेच दिया गया।

प्रभावित किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जनसुनवाई के दौरान दिखाए गए हसीन सपनों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क है। छल-कपट का शिकार हुए ग्रामीण अब किसी भी हाल में केवल फसल मुआवजे के नाम पर अपनी जमीनें दोबारा खनन के हवाले करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अब तक निकाले गए 350 ट्रक बॉक्साइट की पूरी बाजार कीमत की भरपाई किसानों को करने और मौजूदा खनन पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

इस पूरे विवाद को लेकर जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग के साथ कुंजबिहारी यादव, तिलक साय, नानसाय, जहरसाय, चुन्नीलाल, लक्ष्मण, कार्तिक, सुमन नाग, रामचरण, परसराम, नान्ही, सत्यनारायण, यशोदा बाई, सुनील और ठुईया सहित दर्जनों भू-स्वामियों ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि प्रशासन ने लीज की वैधता, अब तक निकाले गए खनिजों के वजन-बिक्री के दस्तावेजों और भौतिक सत्यापन की निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिलाया, तो वे बरिमा स्थित सीएमडीसी के कांटाघर के सामने बॉक्साइट से भरे ट्रकों का चक्काजाम कर परिवहन पूरी तरह ठप कर देंगे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें