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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:21 · नई दिल्ली संस्करण

छत्तीसगढ़ के बालोद में चमगादड़ों की रहस्यमयी मौत, जांच के लिए भोपाल भेजे गए नमूने

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
छत्तीसगढ़ के बालोद में चमगादड़ों की रहस्यमयी मौत, जांच के लिए भोपाल भेजे गए नमूने

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र में बड़ी संख्या में चमगादड़ों की रहस्यमयी मौतों ने प्रशासन और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से प्रतिदिन दर्जनों चमगादड़ों के मृत पाए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार दल्लीराजहरा के एक विशेष क्षेत्र में लगातार चमगादड़ों की मौत हो रही है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

अधिकारियों ने बताया कि मृत चमगादड़ों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भोपाल स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से दल्लीराजहरा क्षेत्र में प्रतिदिन 50 से 70 चमगादड़ मृत अवस्था में मिल रहे हैं। मृतकों की संख्या लगातार बढ़ने से स्थानीय प्रशासन और वन विभाग सतर्क हो गया है।

वन्यजीवों की इतनी बड़ी संख्या में मौत को असामान्य मानते हुए अधिकारी मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं।

वरिष्ठ वन अधिकारियों ने तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं और संबंधित विभागों को सतर्क रहने को कहा है। वन विभाग की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र की निगरानी कर रही है और उन स्थानों की पहचान की जा रही है जहां सबसे अधिक चमगादड़ों की मौतें हो रही हैं।

वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम ने मृत चमगादड़ों के नमूने लेकर विस्तृत जांच के लिए भेजे हैं।

प्रारंभिक आकलन में अत्यधिक गर्मी को संभावित कारणों में से एक माना जा रहा है। हालांकि संक्रमण या किसी बीमारी के प्रकोप की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी मृत या बीमार चमगादड़ को हाथ न लगाएं।

यदि कहीं ऐसे चमगादड़ दिखाई दें तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को दें। अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और सावधानी बरतने से किसी संभावित संक्रमण के खतरे को रोका जा सकता है।

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