मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:32 · नई दिल्ली संस्करण

अब माओवाद नहीं, विकास और आत्मविश्वास की पहचान है बस्तर: पीएम मोदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अब माओवाद नहीं, विकास और आत्मविश्वास की पहचान है बस्तर: पीएम मोदी

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की पहचान अब धीरे-धीरे एक नए रूप में उभर रही है। जिस बस्तर को लंबे समय तक माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन से जोड़कर देखा जाता था, वही बस्तर अब अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और आत्मविश्वास के लिए देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है। इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है 'बस्तर पंडुम', जिसका आयोजन 7 से 9 फरवरी के बीच बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में 'बस्तर पंडुम' का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा। इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने आगे कहा, "पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।"

इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 'बस्तर पंडुम' में शामिल हुए और उन्होंने इसे बस्तर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बताया।

उन्होंने कहा, "वामपंथी उग्रवादियों के भय और हिंसा से बाहर निकलकर बस्तर अपनी संस्कृति और धरोहरों को आगे बढ़ा रहा है और विकसित भारत का ब्रांड एंबेसडर बन रहा है। आज जगदलपुर (छत्तीसगढ़) के 'बस्तर पंडुम' में जनजातीय बहनों-भाइयों को पुरस्कार वितरित कर उनसे संवाद किया।"

उन्होंने कहा, "नक्सलियों ने जिस बस्तर को सदियों तक आईईडी और बारूदों के अंधकार में झोंक रखा था, मोदी जी के नेतृत्व में वहां की कला, संस्कृति, खान-पान और विरासत वैश्विक पहचान पा रही है।

जगदलपुर में 'बस्तर पंडुम' में जनजातीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।"

उन्होंने आगे कहा, "कैसे एक सरकार नेक इरादे, नेक मंशा और मजबूत नीति व स्पष्ट नीयत से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर सकती है, ‘बस्तर पंडुम’ में हंसता-खेलता बस्तर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद से विकासवाद की उस यात्रा का प्रत्यक्ष साक्षी है।"

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें