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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:47 · नई दिल्ली संस्करण

आयुष्मान भारत का विस्तार, 36,229 अस्पताल जुड़े; 11.69 करोड़ का इलाज

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आयुष्मान भारत का विस्तार, 36,229 अस्पताल जुड़े; 11.69 करोड़ का इलाज

नई दिल्ली। आयुष्मान भारत योजना के तहत 28 फरवरी 2026 तक कुल 11.69 करोड़ लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की मंजूरी दी गई, जिनमें से 6.74 करोड़ भर्ती निजी अस्पतालों में हुई। यह जानकारी सरकार ने सोमवार को संसद में दी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू हैं कि अस्पताल योजना के लाभार्थियों को इलाज देने से मना न करें।

अगर किसी मरीज को इलाज से मना किया जाता है या कोई गड़बड़ी होती है, तो वह सेंट्रलाइज्ड ग्रिवांस सिस्टम के जरिए शिकायत कर सकता है या चौबीसो घंटे टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकता है।

मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत शिकायतों के समाधान के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्तर की व्यवस्था बनाई गई है। हर स्तर पर नोडल अधिकारी और शिकायत निवारण समितियां मौजूद हैं, जो मामलों की जांच कर समाधान करती हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि इस योजना से जुड़े अस्पतालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

2018-19 में जहां 6,917 अस्पताल जुड़े थे, वहीं 28 फरवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 36,229 हो गई है। इनमें 19,483 सरकारी और 16,746 निजी अस्पताल शामिल हैं, जिससे देश भर में एक बड़ा हेल्थकेयर नेटवर्क तैयार हुआ है।

मंत्री ने कहा कि अस्पतालों को योजना में जोड़ने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है और यह राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जरूरत और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर की जाती है।

दावों (क्लेम) के निपटान को लेकर सरकार ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित और बिना रुकावट के चल रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसियां तय समय सीमा के भीतर क्लेम का निपटान करती हैं, जिसमें राज्य के अंदर इलाज के मामलों में 15 दिन में और दूसरे राज्य में इलाज (पोर्टेबिलिटी) के मामलों में 30 दिन के भीतर निपटान किया जाता है।

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