खोनमोह में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान: “मेरी जिंदगी का मिशन है बहनों की जिंदगी बदलना”

खोनमोह में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में बोले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान: “मेरी जिंदगी का मिशन है बहनों की जिंदगी बदलना”
श्रीनगर/नई दिल्ली, 4 जुलाई 2025 — केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जम्मू-कश्मीर के खोनमोह में आयोजित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण को अपना जीवन लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी का मिशन है बहनों की जिंदगी बदलना, क्योंकि महिलाएं ही वास्तविक परिवर्तन की निर्माता हैं।” इस सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से किया गया था, जिसमें विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूह की सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया।
श्री चौहान ने अपने भावनात्मक संबोधन में अपने बचपन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में बेटियों के साथ भेदभाव को देखा और तभी यह संकल्प लिया कि वे जीवनभर बहनों की स्थिति सुधारने के लिए काम करेंगे। उन्होंने बताया कि बतौर विधायक उन्होंने बेटियों की शादी कराई और मुख्यमंत्री बनने के बाद “लाड़ली लक्ष्मी योजना” शुरू की, जिससे बेटियों को जन्म से ही आर्थिक सुरक्षा मिली। उन्होंने बताया कि आज मध्यप्रदेश की 55 लाख से अधिक बेटियाँ इस योजना का लाभ ले रही हैं और कई कॉलेज तक पहुंच चुकी हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए गए अपने कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि उन्होंने मध्यप्रदेश में स्थानीय चुनावों में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया, और “लाड़ली बहना योजना” के तहत महिलाओं के खातों में ₹1,250 की सीधी सहायता राशि दी जा रही है, जिसे आगे चलकर ₹3,000 तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “अगर जिंदगी बदलनी है तो बहनों को अपने पैरों पर खड़ा करना ही होगा, और यह तभी संभव है जब हर दीदी साल में कम से कम एक लाख रुपये कमाए।”
सम्मेलन में शामिल दीदियों ने अपने आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानियां साझा कीं, जिनकी सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने उन्हें “देश की असली ताकत” बताया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “हर दीदी लखपति बने” का संकल्प लिया गया है, और यह अभियान पूरे देश में तेज़ी से चल रहा है। इसी क्रम में उन्होंने सम्मेलन में प्रेरणा बनी कई महिलाओं — मनीषा देवी, तजा बेगम, सोनी देवी, परवीना, सामिया जान और शुबीना जान — को प्रशंसा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया।
सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विकास मंत्री श्री जाविद अहमद डार भी उपस्थित रहे। उन्होंने श्री चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दौरे से राज्य में ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। सम्मेलन के अंत में दीदियों के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री ने उनके साथ दोपहर का भोजन भी साझा किया, जिससे कार्यक्रम में आत्मीयता और सौहार्द का माहौल बना।
यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत बना, जो प्रधानमंत्री मोदी के “समावेशी विकास” के संकल्प को ज़मीनी स्तर पर साकार करता दिखाई देता है।





