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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:21 · नई दिल्ली संस्करण

असम चुनाव : हिमंता सरमा ने भरा नामांकन, सातवीं बार चुनावी मैदान में उतरे मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
असम  चुनाव : हिमंता सरमा ने भरा नामांकन, सातवीं बार चुनावी मैदान में उतरे मुख्यमंत्री

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह उनका सातवां चुनाव है। मुख्यमंत्री सरमा ने जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र भरा है।

नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहला चुनाव हारने के बाद लगातार पांच चुनाव जीते हैं और इस बार भी उन्हें अपने क्षेत्र की जनता का पूरा समर्थन मिलने की उम्मीद है।

विपक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम हेमंता सरमा ने कहा कि अगर कांग्रेस उन्हें एक संस्था मानती है, तो यह उनके लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा, "अगर कांग्रेस ने मुझे एक संस्था के स्तर तक पहुंचा दिया है, तो मुझे इससे खुश होना चाहिए, न कि विवाद करना चाहिए।

शुक्रवार की सुबह ही मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को लेकर भी बड़ा बयान दिया।

उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को संरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है न कि कोई दान।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने लिखा, "हमारी संस्कृति कोई नारा नहीं है, यह हमारे त्योहारों, हमारी प्रार्थनाओं और हमारे लोगों में जीवित है।

" उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को जीवित रखने वाले समुदायों के साथ खड़ा रहना सरकार का कर्तव्य है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक समूहों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इसके तहत हर रास समिति को 25,000 रुपए की मदद दी जा रही है, जिससे रास उत्सव को बेहतर तरीके से आयोजित किया जा सके। यह उत्सव असम की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का अहम हिस्सा है।

इसके अलावा, राज्य में 8,000 से अधिक पूजा समितियों को 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जा रही है ताकि धार्मिक कार्यक्रम सुचारू रूप से आयोजित हो सकें। सरकार ने 620 उदासीन भक्तों के लिए हर महीने 1,500 रुपए की सहायता भी सुनिश्चित की है, जो आध्यात्मिक परंपराओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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