देश की उत्तरी सीमा अत्यंत संवेदनशील – सेना प्रमुख मनोज पांडे

नई दिल्ली
थल
सेना प्रमुख मनोज पांडे ने कहा है कि सेना हर चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार
है। सेना को इस समय उत्तरी सीमा पर कई चुनौतियों से सामना करना पड़ रहा है। सेना
के वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में सेना प्रमुख ने इन बातों का उल्लेख किया।
उन्होंने दिल्ली में गुरुवार को कहा- देश की उत्तरी सीमा पर स्थिति संवेदनशील बनी
हुई है। जम्मू-कश्मीर से घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं। इसलिए उत्तरी सीमा पर सेना
के जवानों की भारी संख्या में मौजूदगी है। ड्रग्स और हथियारों की स्मगलिंग की
कोशिशें भी जारी हैं, लेकिन सेना इन कोशिशों को लगातार नाकाम कर रही है। मणिपुर में पॉजिटिव डेवलपमेंट पिछले साल नॉर्थ
ईस्ट में सरकार की नीतियों के कारण पॉजिटिव डेवलपमेंट हुए हैं। वहां हिंसा भी कम
हुई है। हालांकि, मणिपुर में जरूर हिंसा देखने को मिली है, लेकिन वहां भी हम स्थिति को कंट्रोल
में लाने की कोशिश कर रहे हैं। म्यांमार-भारत सीमा चिंता का विषय भारत-म्यांमार
सीमा हमारे लिए चिंता का विषय है। हम इस पर करीब से नजर रख रहे हैं।
हालांकि, सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए
तैयार है। जनरल पांडे ने कहा- 2024 में आर्मी में मॉडर्नाइजेशन किया जाएगा। हम नई
टेक्नोलॉजी को अपनाते रहे हैं, लेकिन इस साल इस मामले में और आगे बढ़ेंगे। सेना में आर्टिलरी यूनिट और इलेक्ट्रॉनिक
इंटेलिजेंस सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है। हम पशुओं से होने वाले ट्रांसपोर्ट
को ड्रोन से करने पर विचार कर रहे हैं। इसका प्रपोजल सरकार को भेजा गया है।
दरअसल, भारत की सीमाओं की चुनौतीपूर्ण जगहों
पर जवानों तक सामान पहुंचाने के लिए सेना एनिमल ट्रांसपोर्ट पर निर्भर है। जनरल
पांडे ने कहा कि हम इसकी बजाय ड्रोन का इस्तेमाल करेंगे। इससे 2027 तक 1 लाख
वर्कफोर्स में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से लगने वाली
सीमा पर फिलहाल स्थिति सेंसिटिव है। हमने इस क्षेत्र में भारी संख्या में जवानों
को तैनात किया हुआ है, जिससे किसी भी ऑपरेशन के लिए सेना तैयार रहेगी। जम्मू-कश्मीर और
लद्दाख के लिए सैन्य स्तर और राजनयिक स्तर पर भी बातचीत जारी है। जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ नहीं होने दे रही सेना
जम्मू-कश्मीर में लगातार घुसपैठ की कोशिशें हो रही हैं।





