जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकवाद विरोधी अभियान, पुंछ में हथियार बरामद

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान तेज़ है। किश्तवाड़ जिले में शनिवार को आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रहा, वहीं पुंछ जिले में एक अन्य अभियान में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए।
किश्तवाड़ में मुठभेड़ जारी
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने जानकारी दी कि इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर किश्तवाड़ में ऑपरेशन चलाया गया।
19 सितंबर की रात लगभग 8 बजे आतंकवादियों से संपर्क हुआ और दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई।
सेना ने बताया कि ऑपरेशन अभी भी जारी है और इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है।
पुंछ में हथियार और गोला-बारूद बरामद
पुंछ जिले में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।
इस दौरान बरामद हुआ:
एके सीरीज का हथियार
चार एके मैगजीन
20 हैंड ग्रेनेड
अन्य युद्ध सामग्री
व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने कहा कि सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
आतंकवाद के पूरे नेटवर्क पर फोकस
सुरक्षा बलों का फोकस अब सिर्फ आतंकियों तक सीमित नहीं है।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ड्रग तस्करी और हवाला मनी रैकेट से जुटाया गया पैसा आतंकवादियों की फंडिंग के लिए इस्तेमाल होता है।
इसीलिए संयुक्त बल अब आतंकियों, उनके सहयोगियों, समर्थकों, ड्रग्स तस्करों और हवाला नेटवर्क सभी को निशाना बना रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर सख़्ती
जम्मू-कश्मीर में लगभग 240 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा (IB) है जो जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में फैली है।
वहीं, 740 किमी लंबी नियंत्रण रेखा (LoC) बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, पुंछ और राजौरी जिलों में फैली है।
बीएसएफ अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करता है।
भारतीय सेना एलओसी की निगरानी करती है।
सुरक्षा बलों की नई रणनीति
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए संयुक्त सेनाओं ने रणनीति बदली है।
अब अभियान का मकसद है—
आतंकियों का खात्मा
उनके सहयोगियों और सहानुभूतियों पर कार्रवाई
ड्रग्स और हवाला नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना
एलओसी और आईबी पार से हो रही घुसपैठ व तस्करी को रोकना





