पहलगाम हमले पर अमित शाह का बड़ा हमला: "चिदंबरम पाकिस्तान का बचाव क्यों कर रहे हैं?"

पहलगाम हमले पर अमित शाह का बड़ा हमला: "चिदंबरम पाकिस्तान का बचाव क्यों कर रहे हैं?"
नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025 — केंद्र सरकार ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर सख्त रुख अपनाते हुए न केवल आतंकियों को मार गिराया, बल्कि पूरे घटनाक्रम की जांच और साक्ष्य भी सार्वजनिक कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस की राष्ट्रविरोधी सोच को कठघरे में खड़ा किया है।
अमित शाह ने कहा, “कल कांग्रेस यह पूछ रही थी कि आतंकी आए कहां से और इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है। निश्चित रूप से यह हमारी ज़िम्मेदारी है क्योंकि हम सत्ता में हैं। लेकिन चिदंबरम जी का यह सवाल कि इसका क्या सबूत है कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे — यह बयान भारत की सुरक्षा एजेंसियों का अपमान है और पाकिस्तान को क्लीन चिट देने जैसा है।” शाह ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “मैं चिदंबरम जी से पूछना चाहता हूं कि पाकिस्तान को बचाकर उन्हें क्या मिलेगा?”
गृह मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उन लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने आतंकियों को आश्रय दिया था। आतंकियों को भोजन देने वालों को भी हिरासत में लिया गया है। आतंकियों के शव श्रीनगर पहुंचने पर उनकी पहचान हो चुकी थी। वही तीन आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। शाह ने यह भी कहा कि घटना में इस्तेमाल हुई राइफलें जब्त की गईं और उनके कारतूसों का FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) विश्लेषण पहले ही तैयार हो चुका था।
उन्होंने कहा, “कल ही तीनों आतंकियों की राइफलें जब्त हुईं और FSL रिपोर्ट से उनका मिलान कराया गया। इसके बाद चंडीगढ़ में आगे की जांच हुई, जिससे स्पष्ट हो गया कि वही तीन आतंकवादी थे जिन्होंने पहलगाम में हमला किया था।”
इस हमले की तह में जाकर केंद्र की मोदी सरकार ने न सिर्फ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब किया है, बल्कि सुरक्षा तंत्र की मजबूती और तत्परता भी प्रमाणित की है। दूसरी ओर कांग्रेस, विशेषकर पी. चिदंबरम जैसे वरिष्ठ नेता, बार-बार पाकिस्तान की भाषा बोलकर न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को कमजोर करते हैं, बल्कि देश के दुश्मनों का परोक्ष समर्थन भी करते नजर आते हैं।
यह घटनाक्रम एक बार फिर यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार जहां आतंक के खिलाफ निर्णायक और तथ्यों पर आधारित कार्रवाई करती है, वहीं कांग्रेस पार्टी की सोच अब भी तुष्टिकरण, संदेह और राष्ट्रहित से परे राजनीतिक लाभ के इर्द-गिर्द घूमती है।





