अमर्त्य सेन के अधिवक्ता ने विश्व भारती पर परेशान करने का लगाया आरोप

अमर्त्य सेन के अधिवक्ता ने विश्व भारती पर परेशान करने का लगाया आरोप
बोलपुर, 25 मार्च । दिवंगत आशुतोष सेन की वसीयत में भूमि एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से पूरी जमीन नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के नाम दर्ज कराने के बावजूद विश्व भारती के अधिकारी उन्हें परेशान कर रहे हैं। अमर्त्य सेन के अधिवक्ता गोराचंद चक्रवर्ती ने कहा कि बोलपुर प्रखंड एवं भूमि एवं भूमि सुधार विभाग में शांति निकेतन स्थित ''प्रतिची'' मकान के जमीन पर सुनवाई के बाद अमर्त्य सेन के नाम पर म्यूटेशन किया जा चुका है। ऐसी स्थिति में विश्व भारती के अधिकारी अमर्त्य सेन पर भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए परेशान कर रहे हैं। विश्व भारती के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया गया है कि निष्कासन नोटिस व्यावहारिक रूप से अर्थहीन है। अमर्त्य सेन इस समय विदेश में हैं। चार महीने बाद ही उनके शांतिनिकेतन वापस लौटने की संभावना है।
29 मार्च को विश्व भारती की सुनवाई में न तो अमर्त्य सेन और न ही उनके प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। अमर्त्य सेन के वकील ने विश्व भारती के संयुक्त कार्यकारी सचिव और संपदा अधिकारी को पत्र लिखा है। अमर्त्य सेन के नाम पर ''प्रातीची'' घर की जमीन के म्यूटेशन के बाद भी शांतिनिकेतन के निवासी विश्व भारती के अधिकारियों के इस व्यवहार से नाराज हैं। हालांकि अमर्त्य सेन के वकील की ओर से भेजे गए पत्र के जवाब में विश्व भारती के अधिकारियों से कई संपर्क किए गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
उल्लेखनीय है कि पिछले काफी समय से विश्व भारती और अमर्त्य सेन के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। विश्व भारती ने बार-बार आरोप लगाया है कि अमर्त्य सेन ने 13 डिसमिल जमीन पर कब्जा कर लिया है। पहले तो अधिकारियों ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री को निष्कासन नोटिस भी जारी किया। फिर विश्व भारती ने 29 मार्च को दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया। विश्व भारती की ओर से सुनवाई के दिन अमर्त्य सेन या उनके प्रतिनिधि को भी उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। ऐसे में इस विवाद के बीच अमर्त्य सेन के नाम पर 1.38 एकड़ जमीन का म्यूटेशन कर दिया गया। नतीजतन निष्कासन नोटिस वस्तुतः अर्थहीन हो जाता है। फिर भी शिष्टाचारवश अमर्त्य सेन के वकील ने बेदखली नोटिस का जवाबी पत्र दाखिल किया।





