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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:35 · नई दिल्ली संस्करण

लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर जदयू की सहमति

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर जदयू की सहमति

लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर जदयू की सहमति

-ललन सिंह और संजय झा ने पूर्व राष्ट्र पति से की मुलाकात

पटना। एक राष्ट्र एक चुनाव यानी देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर चल रही कवायद का जदयू ने समर्थन किया है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा संसदीय दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा ने इस संबंध में पार्टी के दृष्टिकोण से जुड़े पत्र को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय कमेटी को सौंपा। जदयू ने यह भी कहा है कि पंचायत और नगर निकाय के चुनाव भी एक साथ होने चाहिए, पर यह लोकसभा व विधानसभा चुनाव से अलग होने चाहिए।जदयू का कहना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से चुनाव से जुड़ी हिंसा को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।एकल इवेंट होने की वजह से सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति प्रभावी तरीके से कराने में मदद मिलेगी। एक बार इस प्रक्रिया के अस्तित्व में आ जाने के बाद आम नागरिकों के लिए भी यह सुविधाजनक होगा, क्योंकि लोग आसानी से अपने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ सकेंगे।जदयू का कहना है कि एक राष्ट्र एक चुनाव से यह संभव हो सकेगा कि राजनीतिक दलों को लेबल प्लेइंग फील्ड मिल सकेगा। अपने एजेंडा को बताने के लिए उन्हें समय मिल सकेगा। संसाधनों का सही उपयोग तो होगा ही साथ ही साथ चुनाव कर्मियों की तैनाती में सहजता होगी।लगातार चुनाव की वजह से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। सरकारी मशीनरी भी लगातार हाेने वाले चुनाव से प्रभावित होती है। एक साथ होने चुनाव से इसे कम करने में मदद मिलेगी।एक साथ एक चुनाव से वोटरों की संख्या बढ़ेगी क्योंकि वे एक सिंगल इवेंट के लिए घर से निकलेंगे। चुनाव का समय कम होने से नेताओं द्वारा गवर्नेंस पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। नीति तय करने वाले लोग लंबी अवधि से जुड़े मुद्दे पर अपने को केंद्रित कर सकेंगे।जदयू ने उच्च स्तरीय कमेटी को यह स्मरण भी दिलाया कि नीतीश कुमार ने 2018 में भी एक देश एक चुनाव नीति का समर्थन किया था। इस बारे में तब लॉ कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा सलाह मांगी गई थी।

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