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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:34 · नई दिल्ली संस्करण

एआई से रचनात्मकता और मानवीय अनुभवों को बढ़ावा मिलेगा : इंडस्ट्री लीडर्स

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
एआई से रचनात्मकता और मानवीय अनुभवों को बढ़ावा मिलेगा : इंडस्ट्री लीडर्स

डालियान (चीन)। आर्टिफिशियल इटेलिजेंस (एआई) को उत्पादकता बढ़ाने के अलावा चिंतन, रचनात्मकता और अधिक गहन मानवीय अनुभवों के लिए स्थान बनाने में मदद करनी चाहिए। यह बयान एक्सपर्ट्स ने मंगलवार को यहां चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 'एनुअल न्यू चैंपियंस मीटिंग' या 'समर दावोस' में दिया।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बात करते हुए, कला, न्यूरोसाइंस और एआई के मेल को दिखाते हुए, रिसर्चर्स और क्यूरेटर्स ने बताया कि कैसे ब्रेन-सेंसिंग की नई तकनीकें इंसानों और मशीनों के बीच ज्यादा सहानुभूतिपूर्ण और व्यक्तिगत बातचीत को संभव बना रही हैं।

बेंगलुरु साइंस गैलरी की डायरेक्टर जाह्नवी फाल्के ने कहा कि आर्टिस्ट इमैनुएल गोलाब् ने साइंस गैलरी मेलबर्न के साथ मिलकर जो इंस्टॉलेशन तैयार किया है, वह दिखाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी दिमाग से मिलने वाले सिग्नल्स को कैसे समझ सकता है।

फाल्के ने कहा, "हम साइंस गैलरी इंटरनेशनल नेटवर्क से हैं और यह साइंस गैलरी मेलबर्न में मेरे साथियों की बनाई एक प्रदर्शनी है।"

उन्होंने आगे कहा, "इस मूर्ति के पीछे का आइडिया यह है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सिद्धांतों पर काम करता है। विजिटर अपने माथे पर चश्मे जैसा एक डिवाइस पहनते हैं, जो दिमाग से निकलने वाली ईईजी एक्टिविटी और इलेक्ट्रिकल सिग्नल को डिटेक्ट करता है।

इसके बाद रोबोट उस चीज पर प्रतिक्रिया देता है जो व्यक्ति के दिमाग के अंदर चल रही होती है।"

उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट दिखाता है कि कैसे एआई सिर्फ काम की तेजी और प्रोडक्टिविटी पर ध्यान देने के बजाय, अधिक सार्थक और इंसानों पर केंद्रित अनुभव बना सकता है।

जानकारों के मुताबिक, दिमाग की संवेदनाओं और न्यूरल एक्टिविटी को समझने से इंटेलिजेंट सिस्टम लोगों के साथ अधिक व्यक्तिगत और सहानुभूतिपूर्ण तरीके से प्रतिक्रिया कर सकते हैं। ऐसी तकनीकें दिखाती हैं कि कैसे एआई इंसानी भावनाओं और मशीनों के बीच की दूरी को कम कर सकता है।

साइंस गैलरी मेलबर्न से जुड़े रिसर्चर रयान जेफरीज ने "डूइंग नथिंग विद एआई" नाम के इंस्टॉलेशन को एक इंटरैक्टिव आर्टवर्क बताया, जो कला और विज्ञान को एक साथ लाता है।

जेफरीज ने कहा, "यह आर्टिस्ट इमैनुएल गोलाब् का 'डूइंग नथिंग विद एआई' नाम का एक इंटरैक्टिव आर्टवर्क है।

इसमें एक ईईजी हेडसेट का इस्तेमाल होता है जो दिमाग के अंदर होने वाली इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को पकड़ता है और उसे एक बड़े रोबोटिक से जोड़ता है, जो उस एक्टिविटी के हिसाब से हिलता-डुलता है।"

उन्होंने बताया कि इस आर्टवर्क का मुख्य मकसद विजिटर्स को रुकने और अपने विचारों की गति धीमी करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे एक इंटेलिजेंट मशीन के साथ बातचीत करते हुए अपनी मानसिक स्थिति पर विचार कर सकें।

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