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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:44 · नई दिल्ली संस्करण

रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग : मुख्यमंत्री साय

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रानी अहिल्याबाई होल्कर का शासन प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। पुण्यश्लोक रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर गुरुवार काे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। संगोष्ठी में मध्यप्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुए। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी संगोष्ठी में शामिल हुए। विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवी, समाज सेवी, डॉक्टर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, वकील और साहित्यकार भी बड़ी संख्या में संगोष्ठी में मौजूद थे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संगोष्ठी में राजमाता रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक एकता और सुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने रानी अहिल्याबाई होल्कर के करीब 30 वर्षों के शासन को प्रजा कल्याण, राष्ट्र निर्माण और न्याय का स्वर्ण युग कहा। उन्होंने कहा कि इंदौर की महारानी होने के बावजूद राजमाता ने स्वयं को किसी एक भौगोलिक सीमा में नहीं बांधा। उन्होंने देशभर में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया। उन्होंने रामराज्य की अवधारणा को साकार करते हुए तीन दशकों तक होल्कर राजवंश का नेतृत्व किया।मुख्यमंत्री साय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को ऐतिहासिक बताया। पेशवा माधवराव की इच्छा के अनुरूप राजमाता ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कर करोड़ों आस्थावानों की भावना को सम्मान दिया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो भारत की सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक बना। साय ने कहा कि आज इंदौर देश में स्वच्छता में अग्रणी है, इसके पीछे राजमाता द्वारा स्थापित गुड गवर्नेंस की प्रेरणा है। वे न्यायप्रिय थीं। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को भी न्याय के लिए दंड देने से परहेज नहीं किया।

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