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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:14 · नई दिल्ली संस्करण

अदाणी सीमेंट ने सबसे बड़े मंदिर की राफ्ट नींव का विश्व रिकॉर्ड बनाया

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

अहमदाबाद। अदाणी सीमेंट ने ग्रुप की अन्य सहयोगी कंपनी पीएसपी इंफ्रा के साथ मिलकर गुरुवार को कहा कि उसने उमिया धाम में दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मंदिर की राफ्ट नींव की ढलाई पूरी कर ली है।

450 फीट x 400 फीट x 8 फीट आकार के इस आगामी विश्व के सबसे ऊंचे मंदिर की राफ्ट नींव, 504 फीट ऊंचे जगत जननी मां उमिया मंदिर के 1,551 धर्म स्तंभों को सहारा देगी।

इस मंदिर की परिकल्पना जसपुर में एक विशाल सामाजिक और सांस्कृतिक परिसर के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में की गई है।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि 24,100 घन मीटर (एम3) 'इकोमैक्स एम45' ग्रेड के निम्न-कार्बन कंक्रीट का उपयोग करके 54 घंटे के निर्बाध संचालन में हासिल की गई।

यह कंक्रीट, अदाणी सीमेंट द्वारा विकसित एक स्वामित्वपूर्ण टिकाऊ मिश्रण है, जो नए मानक स्थापित कर रहा है।

अदाणी समूह के सीमेंट व्यवसाय के सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, “उमिया धाम 60 एकड़ में फैला एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक स्थल बनने के लिए तैयार है। इसमें लगभग 2,000 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। यह परियोजना केवल विश्व रिकॉर्ड बनाने के बारे में नहीं है। यह अदाणी सीमेंट की गुणवत्ता, पैमाने, गति और उद्देश्य को दर्शाती है।

उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि हमारे चेयरमैन का मानना ​​है, ये केवल इंजीनियरिंग की उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि भक्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच सेतु हैं। उमिया धाम में सफल राफ्ट कास्टिंग इस विजन का जीवंत प्रमाण है, जहां आस्था इनोवेशन को प्रेरित करती है, और इनोवेशन पूरे समाज का उत्थान करता है। जब हम इनोवेशन, लोगों और टिकाऊ सामग्रियों को एक साथ लाते हैं, तो हम ऐसे समाधान तैयार करते हैं, जो पीढ़ियों तक टिके रहते हैं और नए वैश्विक मानक स्थापित करते हैं।

कंपनी के अनुसार, यह 26 रणनीतिक रूप से स्थित रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमएक्स) संयंत्रों, एक समन्वित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में कार्यरत 285 से अधिक ट्रांजिट मिक्सर, 3,600 टन उच्च-प्रदर्शन वाले सीमेंट और तीन दिनों तक शिफ्टों में काम करने वाले 600 से अधिक कुशल श्रमिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से संभव हुआ।

पूरी प्रक्रिया की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई थी, जिससे बिना कोल्ड ज्वाइंट्स के निरंतर ढलाई सुनिश्चित की जा सके और पूरी प्रक्रिया के दौरान इष्टतम तापमान नियंत्रण और मिश्रण की एकरूपता बनी रहे।

'ईकोमैक्स' कंक्रीट के उपयोग ने परियोजना के कार्बन फुटप्रिंट को काफी कम कर दिया, जो अदाणी सीमेंट की हरित निर्माण प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

विश्व उमिया फाउंडेशन के अध्यक्ष आर.पी. पटेल के अनुसार, जगत जननी मां उमिया (पार्वती) मंदिर का यह विश्व रिकॉर्ड शिलान्यास भारत की सांस्कृतिक और इंजीनियरिंग विरासत के लिए एक गौरवशाली क्षण है।

उन्होंने आगे कहा, "बड़ी परियोजनाओं के निष्पादन में अदाणी सीमेंट की सिद्ध विशेषज्ञता ने उन्हें हमारा स्वाभाविक भागीदार बना दिया है।

'ईकोमैक्स एम45' कंक्रीट मिश्रण में 66 प्रतिशत पूरक सीमेंटयुक्त सामग्री (एससीएम) शामिल है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट में 60 प्रतिशत की कमी आई है।

कंपनी ने कहा कि कूलक्रीट फॉर्मूलेशन ने प्लेसमेंट तापमान को 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे बनाए रखा, जिससे तापीय तनाव कम हुआ। संरचना में लगे थर्मोकपल वास्तविक समय में तापमान और स्थायित्व की निगरानी करते रहते हैं।

अदाणी सीमेंट भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल्टी परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। वर्ल्ड वन टावर जैसी प्रतिष्ठित संरचनाओं से लेकर जम्मू-कश्मीर में चिनाब रेलवे ब्रिज जैसे इंजीनियरिंग चमत्कारों तक, कंपनी अब उमिया धाम मंदिर के साथ आध्यात्मिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तक अपनी विशेषज्ञता का विस्तार कर रही है।

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