मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:16 · नई दिल्ली संस्करण

पीएफआई नेता अबु बकर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मेडिकल ग्राउंड पर जमानत देने से इनकार

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
पीएफआई नेता अबु बकर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, मेडिकल ग्राउंड पर जमानत देने से इनकार

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व प्रमुख ई अबू बकर को स्वास्थ्य के आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने एम्स की मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद घर पर नजरबंदी का आदेश देने की मांग भी खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने 20 सितंबर को अबू बकर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एनआईए को नोटिस जारी किया था। दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही 28 मई 2024 को अबू बकर की नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुका है। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान बकर की ओर से कहा गया था कि संविधान की धारा 21 के तहत जीने के अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है। जीने के अधिकार में स्वास्थ्य का अधिकार और गरिमा के साथ जीने का अधिकार भी शामिल है। वह पार्किंसन की बीमारी से ग्रस्त है और वो अपने शरीर की सफाई भी नहीं कर सकता। उल्लेखनीय है कि पीएफआई के ठिकानों पर देशव्यापी कार्रवाई के बाद 2022 में अबू बकर को गिरफ्तार किया गया था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें