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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:32 · नई दिल्ली संस्करण

अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से राहत, 31 जुलाई तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से राहत, 31 जुलाई तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणियों के संबंध में दर्ज एफआईआर को लेकर बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा कवच देते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस को उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने से रोक दिया।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया कि वह अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 31 जुलाई तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न करे। सुनवाई के दौरान जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने आगे कहा कि यह अंतरिम सुरक्षा इस शर्त पर दी जा रही है कि अभिषेक बनर्जी पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता (अभिषेक बनर्जी) बिना पहले से अनुमति लिए विदेश यात्रा नहीं कर सकता और किसी भी आवाजाही से पहले जांच अधिकारी को 48 घंटे का नोटिस देना अनिवार्य है।

हाईकोर्ट ने यह अंतरिम आदेश बनर्जी की उस याचिका पर दिया, जिसमें उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी रैलियों में की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर अपने खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले को रद्द करने की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने टीएमसी सांसद पर विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए भड़काऊ भाषण देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप लगाया था।

सीनियर एडवोकेट कल्याण बंद्योपाध्याय हाईकोर्ट में अभिषेक बनर्जी की तरफ से पेश हुए और आरोप लगाया कि उनके क्लाइंट के खिलाफ मामला दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने कहा, "यह सत्ता बदलने के तुरंत बाद दुर्भावनापूर्ण तरीके से मुकदमा चलाने के खिलाफ है।"

हालांकि, कोर्ट ने बनर्जी की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की।

कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अभिषेक बनर्जी को विवादित टिप्पणियां बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए थीं।

शिकायतकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट बिलवदल भट्टाचार्य ने पक्ष रखा और राज्य सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट धीरज त्रिवेदी पेश हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।

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