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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:36 · नई दिल्ली संस्करण

अन्नाद्रमुक को बड़ा झटका, चार पूर्व मंत्री सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अन्नाद्रमुक को बड़ा झटका, चार पूर्व मंत्री सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल

चेन्नई : तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके (अन्नाद्रमुक) को शनिवार को बड़ा झटका लगा, जब उसके चार पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) में शामिल हो गए।

विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी लगातार आंतरिक कलह और नेताओं के पलायन का सामना कर रही है।

पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक उदुमलाई के. राधाकृष्णन, एम.सी. संपत, कडंबूर सी. राजू और एन.आर. शिवपति ने चेन्नई स्थित टीवीके मुख्यालय में पार्टी के महासचिव एन. आनंद और चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव आधव अर्जुना की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

इन नेताओं का शामिल होना अभिनेता-विजय के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के बाद एआईएडीएमके से हुआ अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक दलबदल माना जा रहा है।

यह घटनाक्रम 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी में जारी असंतोष और अंदरूनी खींचतान के बीच सामने आया है। चुनावी हार के बाद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की दिशा और नेतृत्व को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

पार्टी के भीतर संकट उस समय खुलकर सामने आया था, जब एआईएडीएमके के 25 विधायकों ने पार्टी व्हिप की अवहेलना करते हुए विधानसभा में विश्वास मत के दौरान मुख्यमंत्री विजय का समर्थन किया था। इस घटनाक्रम ने पार्टी में गहरी फूट को उजागर कर दिया था। हालांकि बाद में बागी गुट ने पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से सुलह कर ली, लेकिन इसके बावजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं का पलायन जारी है।

इससे पहले चार बागी विधायक एआईएडीएमके छोड़कर टीवीके में शामिल हो चुके हैं। इसके बाद कई जिला स्तरीय पदाधिकारी, पूर्व विधायक और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता भी सत्तारूढ़ दल का दामन थाम चुके हैं।

शनिवार को टीवीके में शामिल हुए चारों नेताओं को हालिया विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

उदुमलाई राधाकृष्णन उदुमलपेट सीट से, एम.सी. संपत कडलूर सीट से तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कडंबूर राजू को कोविलपट्टी सीट पर हार मिली थी।

इससे पहले 29 मई को भी एआईएडीएमके के 300 से अधिक सदस्य पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए थे।

उस दौरान पूर्व मंत्री वेल्लामंडी नटराजन और आनंदन समेत कई पूर्व विधायक भी टीवीके में शामिल हुए थे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएडीएमके से लगातार हो रहे दलबदल टीवीके के बढ़ते प्रभाव का संकेत हैं और विपक्षी दल के लिए अपनी राजनीतिक जमीन दोबारा मजबूत करना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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