मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:51 · नई दिल्ली संस्करण

महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र शुक्ल त्रयोदशी पर भस्म आरती का भव्य आयोजन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
महाकालेश्वर मंदिर में चैत्र शुक्ल त्रयोदशी पर भस्म आरती का भव्य आयोजन

उज्जैन। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर बाबा महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती में देश-विदेश श्रद्धालुओं का आगमन देखने के लिए मिला।

सभी भक्तगण बाबा के दर्शन के लिए देर रात से लंबी लाइनों में कतारबद्ध थे और अपने अराध्य महाकाल के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए लालायित दिखाई दे रहे थे।

भस्म आरती शुरू होते ही पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आ रहा था। भक्तों ने बड़े श्रद्धाभाव से अलौकिक भस्म लेपन और विशेष पूजन में हिस्सा लिया। नियमानुसार, सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के कपाट खोले गए।

महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा पहले बाबा का जलाभिषेक और फिर पंचामृत से स्नान किया गया। इस पंचामृत में शुद्ध दूध, ताजा दही, देसी घी, शक्कर, शहद और विभिन्न फलों के रस का मिश्रण शामिल था।

इसके बाद भस्म आरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बाबा को भस्म चढ़ाई गई और आरती उतारी गई।

इसमें महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।

मंगलवार को श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का दिव्य शृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा। बाबा महाकाल के विग्रह को अत्यंत मनोहारी रूप दिया गया, जिसमें उनकी विशाल आंखें, मूंछें और सौम्य मुस्कान देखते ही बन रही थी।

उनके माथे पर चांदी का भव्य त्रिपुंड और पुष्प अर्पित किए गए। बेलपत्र, चंदन और ताजे फूलों की मालाओं से बाबा का शृंगार किया गया।

शृंगार में विशेष रूप से गेंदे और गुलाब के रंग-बिरंगे फूलों का प्रयोग किया गया, जो भक्तों की अटूट श्रद्धा और समर्पण के प्रतीक हैं।

इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन के पश्चात विधि-विधान से बाबा की कपूर आरती की गई और अंत में उन्हें विशेष भोग अर्पित किया गया।

भक्तों ने इस पवित्र आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य रूप का आनंद लिया। हर तरफ 'हर हर महादेव' और 'जय श्री महाकाल' के जयकारे गूंज रहे थे। मंदिर का पूरा परिसर भक्ति भाव से भर गया था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें