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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:38 · नई दिल्ली संस्करण

बिहार: मोतिहारी में जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या छह पहुंची

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बिहार: मोतिहारी में जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या छह पहुंची

मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या छह पहुंच गई है। शनिवार को जहरीली शराब सेवन करने वाले एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस घटना में गुरुवार को तीन लोगों की मौत के बाद यह मामला प्रकाश में आया था।

मोतिहारी के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तुरकौलिया और रघुनाथपुर इलाकों में हुई मौतों के सिलसिले में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि तुरकौलिया के थाना प्रभारी को कर्तव्यहीनता के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता परसौना के नागा राय, हरदिया गांव के जम्मू बैठा, और चौकीदार भरत राय सहित एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस संदर्भ में अन्य फरार अभियुक्तों के विरुद्ध छापेमारी की जा रही है। इस घटना के उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

इस बीच पुलिस का दावा है कि दो अप्रैल और तीन अप्रैल को अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 1927 लीटर देशी शराब बरामद की गई। इन मौतों के कारण राज्य में राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की बात की है। बिहार में 2016 से शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा हुआ है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करती है। यह बिल्कुल भी पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।

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