सीएम नीतीश के साथ 8 मंत्रियों ने ली शपथ

पटना। रविवार का दिन बिहार की राजनीतिक परिदृश्य से काफी अहम माना जा रहा था। सुबह जैसे ही सियासी कोहरा छंटा और नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद बिहार की राजनीति में सबकुछ साफ हो गया कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने गठबंधन एनडीए के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं। उन्हें एनडीए विधानमंडल का नेता चुन लिया गया। रविवार की शाम नीतीश कुमार ने 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में शाम लगभग 5 बजे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने विशेष विमान से पटना पहुंचे। भाजपा की तरफ से दो डिप्टी सीएम समेत 3 मंत्री बनाए गए हैं। जदयू के खाते में मुख्यमंत्री और 3 मंत्री आए हैं। हम के एक एमएलए और निर्दलीय विधायक को भी मंत्री पद मिला है। इन विधायकों को भी राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
बिहार विधानसभा के स्पीकर रह चुके भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली। बिहार भाजपा के अध्यक्ष रहे सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद शपथ ली। नालंदा से 7 बार जेडीयू विधायक श्रवण कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली। श्रवण को नीतीश का करीबी माना जाता है। भाजपा नेता डॉ. प्रेम कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली। वे गया से आठ बार के विधायक हैं। जदयू नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। नीतीश के करीबी माने जाने वाले जदयू विधायक विजय कुमार चौधरी ने शपथ ली। वे बिहार विधानसभा के स्पीकर और वित्त मंत्री रह चुके हैं। हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी के बेटे व पूर्व मंत्री संतोष कुमार सुमन ने मंत्री पद की शपथ ली और अंत में निर्दलीय विधायक सुमित सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। उनकी शपथ के साथ ही समारोह समाप्त हो गया।





