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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:29 · नई दिल्ली संस्करण

दक्षिण अफ्रीका में फंसे झारखंड के 27 प्रवासी मजदूर लोटे वतन, पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर हुआ स्वागत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दक्षिण अफ्रीका में फंसे झारखंड के 27 प्रवासी मजदूर लोटे वतन, पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर हुआ स्वागत

गिरिडीह,। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विभागीय आला अधिकारियों के

गंभीर प्रयास से दक्षिण अफ्रिका के कैमरून में फंसे गिरिडीह, बोकारो और

हजारीबाग जिलो के 27 प्रवासी श्रमिकों की सकुशल वतन वापसी हुई। मुम्बई मेल

से बुधवार को पारसनाथ रेलवे स्टेशन पहुंचे सभी मजदूरों का राज्य सरकार की

मंत्री बेबी देवी, विधायक सुदीप्य कुमार श्रम विभाग के सचिव मुकेश कुमार,

गिरिडीह के उपायुक्त नमन प्रियेश लकडा, डीपीआरओ अंजना भारती और श्रमायुक्त

सहित संबंधित विभागी अधिकरियों ने सभी मजदूरों का स्वागत किया। साथ ही सभी

श्रमिकों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई।

हेमंत

सोरेन सरकार के मंत्री सत्यानद भोक्ता, बैधनाथ राम, बेबी देवी, विधायक

कल्पना सोरेन और सुदीप्य कुमार ने सभी मजदूरों को साहयता राशि के चेक दिए।

सकुशल प्रदेश लौटने पर सभी श्रमिकों ने सीएम हेमंत सोरेन का शुक्रिया अदा

करते हुए राज्य सरकार का आभार जताया और कहा कि कैमरून में सभी 27 मजदूर

घुटन का जीवन व्यतीत कर रहे थे। न तो पेटभर भोजन मिलता था और नाही तयशुदा

मजदूरी मिलती थी। विवश होकर हमलोगों ने सोशल मीडिया के जरिये अपनी व्यथा

वतन भेजी थी। हमलोगों के लिए खुशी की बात है कि राज्य सरकार ने हमारी वेदना

तत्काल संज्ञान लेकर हम सभी की वतन वापसी करवाई।

श्रमिकों ने कहा

कि भविष्य में विदेश जाना होगा तो स्थानीय प्रशासन को सूचित करके ही

जायेंगे। वतन वापस लौटे श्रमिकों में चास-बोकारो के 18, हजारीबाग जिले के

05 और गिरिडीह जिल के 04 श्रमिक शामिल हैं। इस बाबत विभागीय सचिव मुकेश

कुमार ने कहा कि कैमरून में 27 श्रमिकों के फंसे होने का मामला संज्ञान में

आने के साथ ही विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किये गये। विदेश मंत्रालय से

संपर्क साधा गया। जिन दोनों कंपनियों में श्रमिक काम कर रहे थे उनके

प्रबंधकों पर दबाव बनाया गया। उन्हें कहा गया कि जो श्रमिक स्वेच्छा से

वतन लौटना चाहते हैं उन्हें रोके नहीं। उन्होंने कहा कि गिरिडीह से घर तक

श्रमिकों को पहुंचाने का कार्य जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। मॉनीटरिंग

गिरिडीह के उपायुक्त द्वारा की गई। विभागीय सचिव ने कहा कि अबतक पूरे

राज्य में दस लाख से अधिक मजदूरों का ऑनलाईन निबंधन किया गया है। यह

प्रक्रिया अभी जारी है।

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