मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:27 · नई दिल्ली संस्करण

आसमान पर दाल की कीमत, सरकार अब उठाने जा रही यह कदम, उम्मीद दाल की दामों पर लगेगी लगाम

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

देश में दलहन की दामों में कोई कमी नही है। आज भी दाल 100रुपए के पार है इसमें अरहर दाल तो दो सौ किलो के पार है। आम लोगों में सवाल यह है कि सरकार दालों की कीमतों विशेष रूप से अरहर की कीमतों में अंकुश लगाने में क्यों असफल रही है।

वैसे दलहन आत्मनिर्भरता की शुरुआत अरहर से करते हुए सरकार ने एक वेब पोर्टल लांच किया है, जिस पर अरहर की खेती करने वाले किसान पंजीकरण कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर आनलाइन अरहर बेच सकेंगे।

चलिए थोड़ा आगे बढ़ते हैं। भारत को कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, म्यांमार, मोजांबिक और तंजानिया जैसे देशों से दाल का आयात करना पड़ता है तो इसके लिए देश के किसान नहीं, बल्कि हरित क्रांति की एकांगी नीतियां जिम्मेदार हैं। मोदी सरकार के प्रयासों से भारत चना और मूंग के मामले में आत्मनिर्भर बन चुका है।

अब इस सरकार ने अरहर, उड़द और मसूर के मामले में देश को 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने का एलान करते हुए कहा है कि वर्ष 2028 से एक किलो दाल भी आयात नहीं होगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें