मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:08 · नई दिल्ली संस्करण

चतरा लोकसभा क्षेत्र के लोगों को आज तक नहीं मिला स्थानीय सांसद

राष्ट्रीय सागर डेस्क5 मिनट का पठन
चतरा लोकसभा क्षेत्र के लोगों को आज तक नहीं मिला स्थानीय सांसद

चतरा संसदीय क्षेत्र में ही पड़ता है पांकी विधानसभा क्षेत्र, ज्यादातर बिहारी बने सांसद

मेदिनीनगर : कौन बनेगा करोड़पति कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन ने एक प्रतिभागी से सवाल पूछा था की देश का कौन-सा लोकसभा क्षेत्र है, जहां आज तक स्थानीय व्यक्ति सांसद नहीं बना है। इसका सही जवाब चतरा था।

जबसे चतरा लोकसभा अस्तित्व में आया है, एक बार भी स्थानीय व्यक्ति सांसद नहीं चुना गया। जितने भी प्रतिनिधि चुने गए हैं, सभी मूल रूप से क्षेत्र से बाहर के रहने वाले हैं। 1957 से लेकर 1971 तक रामगढ़ राजा घराने की महारानी विजया राजे तीन बार लगातार चुनी गई। इसके अलावा 1971 में बिहार के औरंगाबाद के साहित्यकार डॉ शंकरदयाल सिंह चतरा के सांसद रहे। सुखदेव प्रसाद वर्मा 1977 में चुने गए। वे बिहार के जहानाबाद के रहनेवाले थे। 1980 में रंजीत सिंह, 1984 में युगेश्वर प्रसाद युगेश, 1989 व 1991 में गया जिले के उपेंद्रनाथ वर्मा दो बार चुने गए। गया जिले के उद्योगपति धीरेंद्र अग्रवाल 1996 व 1998 में दो बार सांसद बने। इसके अलावा 1999 में नागमणि सांसद बने, जो जहानाबाद के थे। 2009 में झारखंड का पहला विधानसभा अध्यक्ष सह डालटेनगंज निवासी इंदरसिंह नामधारी निर्दलीय सांसद बने। 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार के बक्सर जिले के सुनील कुमार सिंह सांसद चुने गए। सभी के सभी बाहरी व्यक्ति ही चुनाव जीतते आ रहे हैं। क्षेत्र से कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी तीन-तीन बार जीते, जबकि जनता दल, राजद व निर्दलीय प्रत्याशी दो-दो बार चुने गए। सीएनएसपीजेपी, एसडब्लूए, बीएलडी का प्रत्याशी एक-एक बार चुने गए। इसमें एक भी स्थानीय व्यक्ति को सांसद नहीं चुना गया।

जदयू प्रत्याशी को नहीं मिला था भाजपा कार्यकर्ताओं का साथ

2009 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी चुनाव लडे थे। निर्दलीय होने के बाद भी जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के धीरज साहू को हराया। भाजपा व जदयू के गठबंधन के बाद भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने जदयू के प्रत्याशी अरुण कुमार यादव को वोट नहीं कर श्री नामधारी को विपक्ष में समर्थन दिया। नामधारी को एक लाख 21 हजार 464 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के धीरज प्रसाद साहू को एक लाख दो हजार 609 वोट मिले। इस तरह एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक राष्ट्रीय पार्टी के उम्मीदवार को 18 हजार 855 वोट से पराजित किया।

2014 और 2019 लोस चुनाव का नतीजा

2014 के लोकसभा चुनाव में चतरा लोकसभा क्षेत्र में कुल सात लाख 13 हजार 217 लोगो ने अपना मताधिकार का प्रयोग किया। जिसमें महिला तीन लाख 29 हजार 994 व पुरुष मतदाता तीन लाख 83 हजार 223 ने वोट डाले थे। इस चुनाव में 54.37 प्रतिशत लोगो ने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चुनाव में सबसे अधिक सुनील कुमार सिंह दो लाख 95 हजार 862 वोट प्राप्त कर विजयी रहे। दूसरे स्थान पर रहे धीरज प्रसाद साहू को एक लाख 17 हजार 836 मत प्राप्त हुए। इस तरह सुनील कुमार सिंह एक लाख 78 हजार 26 मतो से विजयी हुए। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में सुनील कुमार सिंह दुबारा जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया। सुनील कुमार सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी मनोज कुमार यादव को 377871 वोटों से हराया। सुनील कुमार सिंह को 528077 वोट मिला था, जबकि मनोज कुमार यादव को 150206 वोट ही मिल सका था।

अब तक सबसे अधिक वोट से जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशी सुनील कुमार सिंह बने।

उठी स्थानीय व्यक्ति को टिकट देने की मांग

चतरा लोकसभा सीट से आज तक स्थानीय लोगों को सांसद नहीं बनने से लोगों में तरह - तरह की चर्चाएं हो रही है। लोगों ने स्थानीय लोगों का टिकट देने की मांग शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि स्थानीय सांसद नहीं होने से क्षेत्र का विकास नहीं हो रहा है। 2024 का लोकसभा चुनाव में लोग स्थानीय व्यक्ति को सांसद बनाने की बात कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि भाजपा के द्वारा सुनील कुमार सिंह को दो बार चतरा लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी के नाम सुनील कुमार सिंह को दोनों बार जनता विश्वास कर चुनाव जिताने का काम किया। लेकिन चुनाव जीतने के बाद भाजपा सांसद सुनील कुमार सिंह एक बार भी लोगों की समस्या जानने की कोशिश नहीं किया। लोगों ने बताया कि यदि भाजपा सुनील कुमार सिंह को फिर चतरा से टिकट देती हैं तो इस बार भाजपा के लिए चुनाव जीतना मुश्किल होगा।

कब कौन बने सांसद, किस पार्टी को हराया

1957 विजया राजे (सीएसपीजेपी) चपलेंदु भट्टाचार्य (कांग्रेस)

1962 विजया राजे (स्वतंत्र पार्टी) त्रिभुवननाथ (कांग्रेस)

1967 विजया राजे (निर्दलीय) एसपी भदानी (कांग्रेस)

1971 शंकर दयाल सिंह (कांग्रेस), विजया राजे (जेएपी)

1977 सुखदेव प्रसाद वर्मा (जनता पार्टी) शंकर दयाल सिंह (कांग्रेस)

1980 रंजीत सिंह (कांग्रेस) सुखदेव प्रसाद वर्मा (जनतादल)

1984 युगेश्वर प्रसाद युगेश (कांग्रेस) सुखदेव प्रसाद वर्मा (जनता दल)

1989 उपेंद्रनाथ वर्मा (जनता दल) युगेश्वर प्रसाद युगेश (कांग्रेस)

1991 उपेंद्रनाथ वर्मा (जनता दल) धीरेंद्र अग्रवाल (भाजपा)

1996 धीरेंद्र अग्रवाल (भाजपा) कृष्णनंदन प्रसाद (जनता दल)

1998 धीरेंद्र अग्रवाल (भाजपा) नागमणी (राजद)

1999 नागमणि (राजद) धीरेंद्र अग्रवाल (भाजपा)

2004 धीरेंद्र अग्रवाल (राजद) इंदर सिंह नामधारी (जदयू)

2009 इंदर सिंह नामधारी (निर्दलीय) धीरज प्रसाद साहू (कांग्रेस)

2014 सुनील कुमार सिंह (भाजपा) धीरज प्रसाद साहू (कांग्रेस)

2019 में सुनील कुमार सिंह (भाजपा) मनोज कुमार यादव (कांग्रेस)

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें