चंपाई सोरेन से मेरी कोई बात नहीं हुई, वे मंजे नेता हैं, अपना रास्ता खुद तय करेंगे : बाबूलाल मरांडी

रांची। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने साेमवार काे चंपाई सोरेन के भाजपा में शामिल होने की चर्चा के बीच अपनी प्रतिक्रिया दी है। मरांडी ने कहा है कि भाजपा में शामिल होने के संबंध में चंपाई सोरेन से अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है। चंपाई सोरेन एक मंझे हुए राजनेता हैं और झारखंड अलग राज्य के गठन के लिए चलाये गए आंदोलन का हिस्सा रह चुके हैं, जिस तरह से उन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटाया गया, उससे वे आहत हैं। वह अपनी आगे की राह के बारे में निर्णय खुद लेंगे।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आरोपों के सवाल पर कहा कि यदि कोई विधायक अपना दुख व्यक्त करता है, तो उनकी बात सुननी चाहिए। चंपाई के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर कहा कि इस सिलसिले में चंपाई सोरेन से अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। चंपाई के सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि वह बहुत आहत हैं, जिस तरह से उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, उससे उन्होंने काफी अपमानित महसूस किया। चंपाई साेरेन ने पोस्ट में कहा कि तीन जुलाई को पार्टी विधायकों की बैठक में उनसे इस्तीफा देने को कहा गया। उन्होंने कहा कि वह इस निर्देश से आहत थे। क्योंकि, उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची थी।पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, उन्होंने बैठक में घोषणा की थी कि आज से उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरू होगा। भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त करने संबंधी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आरोपों पर मरांडी ने कहा कि इसका मतलब यह है कि वह (हेमंत) कह रहे हैं कि उनके विधायक ‘बिकाऊ’ हैं। यदि आप (हेमंत) सभी विधायकों को ‘बिकाऊ’ कहेंगे, तो कौन आपके साथ रहना चाहेगा।





