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ट्रेन नहीं, एंबुलेंस बनी वंदे भारत: सूटकेस में बंद दिल पहुंचाकर बचाई जान, तीसरी बार रचा इतिहास
सूरत से अहमदाबाद तक वंदे भारत ट्रेन से 'धड़कता दिल' पहुंचाया गया। सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल से डोनर का दिल स्पेशल सूटकेस में रखकर मुंबई-गांधीनगर वंदे भारत (20901) के कोच C-12 में भेजा गया। यह तीसरी बार है जब वंदे भारत से दिल ट्रांसपोर्ट हुआ। अहमदाबाद स्टेशन पर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दिल को तुरंत यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट पहुंचाया गया, जहां ट्रांसप्लांट हुआ। समय बचाने के लिए रेलवे, पुलिस और डॉक्टरों ने मिलकर व्यवस्था की थी।

