Shardiya Navratri 2026 इस साल 11 अक्टूबर रविवार से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलेगी, 20 अक्टूबर को दशहरा है। पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है। कलश स्थापना मुहूर्त: 11 अक्टूबर को घटस्थापना होगी। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर रात 9:19 से शुरू होगी। शुभ मुहूर्त: सुबह 06:19 से 10:12 बजे तक (3 घंटे 52 मिनट) मुख्य मुहूर्त है। विकल्प के तौर पर अभिजीत मुहूर्त 11:44 से 12:31 तक भी उत्तम है। राहुकाल शाम 4:29 से 5:56 तक से बचें।
Brahma Kamal Vastu Tips: वास्तु के अनुसार ब्रह्म कमल को घर की उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में लगाना सबसे शुभ है। यह भगवान ब्रह्मा और शिव का प्रिय फूल है। मान्यता है कि इसके खिलते ही घर में मां लक्ष्मी का वास होता है, धन-समृद्धि बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसे गमले में हल्की छांव में रखें, ज्यादा पानी न दें।
शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में मृत्यु अशुभ नहीं, बल्कि सौभाग्यशाली मानी जाती है। मान्यता है कि इस दौरान पितरों के द्वार खुले होते हैं, इसलिए मरने वाले को सीधे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और आत्मा को मोक्ष मिलता है। गरुड़ पुराण के अनुसार ऐसे व्यक्ति को भटकना नहीं पड़ता। बस सूतक के बाद विधि-विधान से श्राद्ध, पिंडदान और दान जरूर करना चाहिए।
मुंबई। गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने अपने परिवार के साथ मुंबई के…
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की और अनुष्ठान में…
खेड़ा। गुजरात के खेड़ा जिले में बसा डाकोर भगवान श्रीकृष्ण के रणछोड़राय स्वरूप के प्रसिद्ध धाम के रूप में जाना जाता है। यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल सहित कई नेताओं ने कजरी तीज की देशवासियों और माताओं-बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
हिंदू कैलेंडर का हर महीना पूर्णिमा (पूरे चांद वाली रात) तिथि के साथ खत्म होता है। इनमें सावन महीने की पूर्णिमा का खास महत्व है, क्योंकि इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है।
नई दिल्ली। सावन के पावन महीने की आखिरी सोमवार को देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक व पूजन-अर्चन तक सुखी जीवन की कामना कर रहे हैं।