बागपत कलेक्ट्रेट पर 31 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक किसानों ने सांकेतिक धरना देकर अपनी आवाज उठाई। किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के किसान आर्थिक और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही। किसानों ने ज्ञापन में कई अहम मांगें रखीं, जिनमें किसानों को पूर्ण रूप से कर्जमुक्त किया जाए और छोटी जोत वालों की न्यूनतम आय सुनिश्चित की जाए, घरेलू बिजली के बकाये माफ कर मुफ्त बिजली देने, गन्ने का मूल्य चीनी के भाव के अनुपात में तय करने, गन्ना प्रजातियों के मूल्य अंतर को सीमित करने, गन्ना तुलाई में धांधली और कटौती पर रोक लगाने, आवारा गोवंश की समस्या के समाधान करने, गोपालकों को आर्थिक सहायता देने, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा देने, शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग रखी गयी।
ज्ञापन में समस्या समाधान के लिए किसान नेता नरेंद्र राणा ने 12 सितंबर 2026 तक का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तब तक मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो 13 सितंबर को काठा देवी मंदिर पर खुली पंचायत कर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।





