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बाढ़ में डूबा रपटा, नाव बनी सहारा; टम्मलगंज का संपर्क टूटा

बाढ़ में डूबा रपटा, नाव बनी सहारा; टम्मलगंज का संपर्क टूटा

मीरजापुर। गंगा में बढ़े जलस्तर ने टम्मलगंज के सैकड़ों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बाढ़ का पानी रपटा पर करीब आठ फीट तक चढ़ जाने से चुनार तहसील मुख्यालय से टम्मलगंज का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बाजार, अस्पताल और तहसील आने-जाने के लिए अब ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

पिछले तीन-चार दिनों से हो रही बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण वार्ड 21 स्थित रपटा पूरी तरह जलमग्न हो गया है। हालात ऐसे हैं कि बाइक और साइकिल तो दूर, पैदल रपटा पार करना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। स्कूली बच्चों, कोचिंग जाने वाले विद्यार्थियों और रोज कमाकर परिवार चलाने वाले मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।

सभासद प्रतिनिधि अशोक पाल ने बताया कि दो वर्ष पहले सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से रपटा पर पक्का पुल बनवाने की मांग की गई थी। सांसद के निर्देश पर विभागीय टीम ने मौके की नापी भी की थी। इससे ग्रामीणों को पुल बनने की उम्मीद जगी थी, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका।

ग्रामीणों के सामने सबसे गंभीर संकट रात में खड़ा होता है। अचानक किसी के बीमार पड़ने या महिला को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। रात में नाव की सुविधा नहीं मिलने से खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने पक्का पुल निर्माण जल्द शुरू कराने के साथ फिलहाल सुरक्षित नाव और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था कराने की मांग की है।

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