डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश-लापरवाही मिली तो तय होगी अधिकारियों की जिम्मेदारी, दुकानदारों पर होगी चालानी कार्रवाई
हरिद्वार। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में हरिद्वार को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और उसकी लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है। ऐसे में यहां स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्राम पंचायतों और खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित सफाई अभियान चलाने के साथ उसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती
जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई दुकानदार, व्यापारी, प्रतिष्ठान या अन्य व्यक्ति प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल चालानी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को लेकर आमजन को जागरूक किया जाए और कपड़े, जूट समेत अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए।
जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ हरिद्वार
डीएम ने स्वच्छता अभियान को जनअभियान बनाने पर जोर देते हुए स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, धार्मिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘स्वच्छ हरिद्वार और प्लास्टिक मुक्त हरिद्वार’ अभियान को पूरी गंभीरता से चलाया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सरकारी कार्यालयों के शौचालयों की भी होगी निगरानी
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को अपने अधीन कार्यालयों में संचालित शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यालय अध्यक्षों को शौचालयों की स्वच्छता की नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी। साथ ही, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तैयार प्रारूप के अनुसार कार्यालयों में संचालित शौचालयों का पूर्ण विवरण आज ही नोडल अधिकारी स्वच्छता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, डीपीआरओ मुस्तफा खां, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी समेत संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





