नई दिल्ली। दिल्ली सरकार राजधानी में आधुनिक ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करेगी। इसी दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की है। बैठक में ऐसी डिजिटल व्यवस्था पर विचार किया गया, जिसके माध्यम से दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठकों की पूरी प्रक्रिया कागज रहित (पेपरलेस), अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने रविवार को एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शासन-प्रशासन में तकनीक का प्रभावी उपयोग समय की आवश्यकता है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें सरकारी प्रक्रियाएं सरल हों, निर्णय तेजी से लिए जा सकें और उनके क्रियान्वयन की लगातार निगरानी भी संभव हो। ई-कैबिनेट प्रणाली के माध्यम से कैबिनेट बैठकों से जुड़े सभी दस्तावेज जैसे कैबिनेट नोट्स, बैठक का एजेंडा, उससे जुड़े संलग्न दस्तावेज (एनेक्सर), कैबिनेट के निर्णय और बैठक की कार्यवाही (मिनट्स), सुरक्षित डिजिटल माध्यम से तैयार, साझा और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए जा सकेंगे। इससे कागजों पर निर्भरता लगभग समाप्त होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनेगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रणाली की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें प्रत्येक मंत्री और अधिकारी को उसकी जिम्मेदारी के अनुसार अलग-अलग स्तर की डिजिटल पहुंच दी जा सकती है। मंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, विभागीय सचिव जैसे सभी अधिकृत अधिकारी केवल अपनी आवश्यकता के अनुसार संबंधित दस्तावेज देख सकेंगे। इससे गोपनीय जानकारी की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में कैबिनेट नोट्स जमा करने, उनकी जांच करने, मंजूरी देने, संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और भविष्य के लिए सुरक्षित रिकॉर्ड के रूप में संरक्षित करने जैसी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा सकती है। इससे अनावश्यक देरी कम होगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट बैठकों के दौरान इस प्रणाली का सुरक्षित उपयोग टैबलेट के माध्यम से भी किया जा सकता है। इससे मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठक के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज तुरंत देख सकेंगे और निर्णय प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी। इस प्रकार की व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह भी है कि कैबिनेट के किसी भी निर्णय के बाद संबंधित विभागों द्वारा उस पर की जा रही कार्रवाई की लगातार निगरानी की जा सकती है। इससे निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी डिजिटल व्यवस्था लागू होने से कागज आधारित कैबिनेट फाइलों की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी। कैबिनेट प्रस्तावों के निस्तारण में कम समय लगेगा, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, गोपनीय दस्तावेज अधिक सुरक्षित रहेंगे, कैबिनेट के निर्णयों को तेजी से लागू करने और उनकी निगरानी करने में सुविधा होगी और प्रिंटिंग और दस्तावेजों के रखरखाव पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकेगा। बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने देश के विभिन्न राज्यों में लागू ई-कैबिनेट प्रणाली के अनुभवों और उसकी कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया।
दिल्ली सरकार ई-कैबिनेट प्रणाली करेगी लागू, मुख्यमंत्री ने की विशेषज्ञों से चर्चा
Aug 16 2026 12:02PM
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