बेलग्रेड। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को बेलग्रेड में सर्बिया के विदेश मंत्री मार्को ड्यूरिक से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-सर्बिया के पुराने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
यह बैठक 31 अगस्त से 1 सितंबर तक 'गुटनिरपेक्षता की विरासत : आज की दुनिया के लिए सबक' थीम पर आयोजित हो रही है। इससे पहले रविवार को रिजिजू ने बेलग्रेड में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की।
उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।
भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान, रिजिजू की मुलाकात एक प्रवासी सदस्य से हुई। महिला ने 1960 के दशक में एक प्रोग्राम के जरिए सर्बिया की अपनी पहली यात्रा को याद किया। उस दौरान सर्बिया यूगोस्लाविया के नाम से जाना जाता था।
उन्होंने कहा, "मैं पहली बार एक प्रोग्राम के तहत आई थी। यह 1966-67 की बात है।" जब उनसे इस प्रोग्राम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "यह भारत और यूगोस्लाविया के बीच था, इसने मुझे यहां (भारत) पहुंचाया और मैं यहीं बस गई।"
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय समुदाय के अन्य सदस्यों से उनकी सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में भी बात की और इस क्षेत्र में भारतीय भोजन की लोकप्रियता का जिक्र किया।
उन्होंने संक्षिप्त बैठक समाप्त करने से पहले भारतीय समुदाय के बच्चों से भी बातचीत की।





