सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और MSME कर्जदाताओं में चिंता बढ़ गई है। कई बैंकों ने आगामी त्योहारी सीजन और कार्यशील पूंजी की जरूरतों के लिए ऋण मंजूर कर दिए थे, जो अब अचानक प्रक्रिया रुकने से अधर में लटक गए हैं।
सरकार ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस 5.0) को शुरू होने के सिर्फ तीन महीने के भीतर ही अप्रत्याशित रूप से बंद कर दिया है। सरकार का कहना है कि इसके लिए निर्धारित 2.5 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी पूरी तरह से इस्तेमाल हो चुकी है। यह अचानक लिया गया कदम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएण्मई) के कर्जदाताओं के बीच भारी चिंता का कारण बन गया है। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर कारोबारियों को अल्पकालिक नकदी की कमी से निपटने में मदद करने के लिए 5 मई, 2024 को यह योजना शुरू की गई थी।
इसे 31 मार्च, 2027 तक या 2.55 लाख करोड़ रुपये (जिसमें घरेलू विमानन कंपनियों के लिए 5,000 करोड़ रुपये शामिल हैं) की गारंटी जारी होने तक चलना था। हालांकि, योजना का संचालन करने वाली नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड ने बैंकों को सूचित किया है कि एमएसएमई/गैर-एमएसएमई इकाइयों के लिए 2.50 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी सीमा 20 अगस्त, 2024 तक पूरी हो चुकी है। परिणामस्वरूप, 21 अगस्त, 2024 से नए क्रेडिट गारंटी पोर्टल ऐप्लिकेशन नंबर जारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई है। बैंकरों का कहना है कि यह फैसला अप्रत्याशित था। कई बैंकों ने पहले ही पात्र कर्जदारों के लिए ईसीएलजीएस 5.0 के तहत ऋण सुविधाओं की प्रक्रिया पूरी कर मंजूरी दे दी थी।
यह मंजूरी मॉनसून के बाद और आगामी त्योहारी सीजन में एमएसएमई की बढ़ती कार्यशील पूंजी की जरूरतों को ध्यान में रखकर दी गई थी। यह अवधि एमएसएमई के लिए इन्वेंटरी तैयार करने, ग्राहकों के ऑर्डर पूरे करने और मौसमी मांग में बढ़ोतरी की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होती है। बैंकों द्वारा उचित जांच-पड़ताल पूरी करने के बाद ऋण मंजूर किए जाते हैं और कर्जदारों को इसकी जानकारी दी जाती है, जिसके बाद ऋण वितरण के लिए क्रेडिट गारंटी पोर्टल ऐप्लिकेशन नंबर जेनरेट किया जाता है। अचानक इस प्रक्रिया को रोकने से बैंकों और एमएसएमई दोनों के लिए अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है।