जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के माइनिंग सेक्टर, न्यायिक बुनियादी ढांचे और आपदा तैयारियों को मजबूत करने के लिए कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री अधिकारियों को फैसलों को तय समय में लागू करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन फैसलों से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, गवर्नेंस में सुधार होने और नागरिक सुरक्षा तंत्र को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
खनिज अन्वेषण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल ने बालोतरा जिले के नवाताला और देवगढ़ गांवों में 207.63 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 'रेयर अर्थ एलिमेंट' (आरईई) खनिजों के लिए अन्वेषण लाइसेंस देने को मंजूरी दी है। यह लाइसेंस केंद्रीय खान योजना व डिजाइन संस्थान (सीएमपीडीआई) को दिया गया है।
यह खनिज ब्लॉक पचपदरा और शेरगढ़ क्षेत्रों में आता है और इससे खनिज संसाधनों के विकास व इलाके में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। 'रेयर अर्थ एलिमेंट्स' रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खनिज हैं, जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा निर्माण जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से जांच किए जाने वाले मामलों के लिए एक विशेष अदालत बनाने को भी मंजूरी दी। इसका मकसद न्यायिक प्रणाली को मजबूत करना और राष्ट्रीय सुरक्षा व एजेंसी की ओर से जांच किए जाने वाले अन्य मामलों का तेजी से निपटारा सुनिश्चित करना है।
सरकार ने कहा कि इस खास अदालत से ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में सुधार होगा।
वहीं, 2025-26 के बजट घोषणाओं के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आठ नए बने जिलों में 'सिविल डिफेंस कोर' बनाने को मंजूरी दी।
इन जिलों में बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलोदी, सलूंबर, खैरथल-तिजारा, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और ब्यावर शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, इस पहल से नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देकर और प्राकृतिक आपदाओं व अन्य आपात स्थितियों के दौरान तैयारियों को बेहतर बनाकर इन जिलों में आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी मंजूर फैसलों का प्रभावी और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि इनका लाभ जल्द से जल्द जनता तक पहुंच सके।





