नई दिल्ली। पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल ने पूर्व सहयोगी से दुष्कर्म के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ दुष्कर्म समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया था। नवंबर 2013 में तेजपाल को गिरफ्तार किया गया था।
मई 2021 में मापुसा की सत्र अदालत ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
लेकिन गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया।
अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
सजा सुनाए जाने के बाद 18 अगस्त को गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की सजा पर्याप्त नहीं है।
दोषी को और कड़ा दंड मिलना चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ तरुण तेजपाल ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाईकोर्ट के फैसले और 10 साल की सजा को चुनौती दी है।
अब सुप्रीम कोर्ट में एक तरफ दोषी सजा कम करने की मांग करेगा और दूसरी तरफ राज्य सरकार सजा बढ़ाने की मांग करेगी।





