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स्मार्टवॉच ने बिगाड़ा शातिर ट्रेन लुटेरे का पूरा खेल, जानिए कैसे पकड़ा गया 3 किलों सोना?

स्मार्टवॉच ने बिगाड़ा शातिर ट्रेन लुटेरे का पूरा खेल, जानिए कैसे पकड़ा गया 3 किलों सोना?
17 साल बाद अपराध की दुनिया में लौटे शातिर ट्रेन लुटेरे अमरनाथ जायसवाल जिसने तमिलनाडु के रेल में यात्रा कर रहे यात्री के पास से 3 किलो सोना चोरी के मामले में स्मार्टवॉच के GPS ने पुलिस को तक पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पढ़ें एक चोर की ये दिलचस्प कहानी। 

तमिलनाडु में ट्रेन से करीब 3 किलो सोना चोरी होने के मामले में रेलवे पुलिस ने एक पुराने ट्रेन चोर को गिरफ्तार किया है। इस केस में पुलिस को एक फेंके गए बैग में रखी स्मार्टवॉच से ऐसा सुराग मिला, जिसके जरिए आरोपी तक पहुंचना आसान हो गया। मामला 23 जुलाई का है 47 साल के दीपक सांचेती मदुरै से चेन्नई एगमोर जाने वाली अनंतपुरी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। वह टी नगर की एक ज्वेलरी कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव हैं। उनके पास करीब 3 किलो सोना था। सफर के दौरान दीपक सो गए। जब चेंगलपट्टू के पास उनकी नींद खुली तो उनका बैग गायब था। अगले दिन उन्होंने तांबरम रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दीपक ने अपनी स्मार्टवॉच बैग के अंदर एक छोटे पाउच में रखी थी। चोर ने बैग को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया था, लेकिन स्मार्टवॉच उसी में रह गई। पुलिस ने स्मार्टवॉच की GPS लोकेशन चेक की तो उसकी आखिरी लोकेशन त्रिची और विरुधाचलम के बीच रेलवे ट्रैक के पास मिली। यहीं से पुलिस की जांच को अहम दिशा मिली। पुलिस ने ट्रेन में मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान सेकेंड AC कोच में सफर कर रहे एक यात्री पर शक हुआ। वह बार-बार अपनी सीट से उठकर टॉयलेट की तरफ जा रहा था और कोच के दरवाजे के पास भी देखा गया था।

पैसेंजर लिस्ट चेक करने पर उसका नाम अमरनाथ जायसवाल सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसका पुराना रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि 2009 से पहले उसके खिलाफ ट्रेनों में चोरी के 36 मामले दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, अमरनाथ करीब 17 साल तक अपराध से दूर था, लेकिन इस साल उसने दोबारा चोरी शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि उसने दीपक के पास सोना देखा था और उनके सो जाने के बाद त्रिची के पास बैग चोरी कर लिया। अमरनाथ ने सोना अपने सामान में रख लिया और दीपक का बैग ट्रेन से बाहर फेंक दिया। उसे लगा कि बैग पूरी तरह खाली है, लेकिन उसके अंदर मौजूद स्मार्टवॉच ने उसकी पूरी योजना पर पानी फेर दिया। पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद अमरनाथ दोबारा अपनी सीट पर जाकर सो गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो। बाद में वह तांबरम स्टेशन पर ट्रेन से उतर गया।

पुलिस को जांच में पता चला कि अमरनाथ के साथ दो और आरोपी भी ट्रेन में सफर कर रहे थे। आरोपियों ने अलग-अलग रूट की ट्रेनों में टिकट बुक कर संभावित यात्रियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। चोरी के बाद आरोपियों ने राजन कुमार नाम के व्यक्ति से संपर्क किया। पुलिस के मुताबिक, वह चोरी का सोना लेने के लिए कोलकाता से फ्लाइट से चेन्नई आया था। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई। मोबाइल लोकेशन के जरिए टीम पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंची, जहां से अमरनाथ जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। वहीं राजन कुमार को बिहार से पकड़ा गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से करीब 4 लाख रुपये बरामद किए हैं। हालांकि, चोरी हुआ करीब 3 किलो सोना अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस को शक है कि सोना रंजन कुमार और अशोक कुमार के पास है और दोनों की तलाश जारी है। इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह रही कि आरोपी ने बैग को खाली समझकर फेंक दिया, लेकिन उसमें छूटी स्मार्टवॉच की GPS लोकेशन ने पुलिस को सीधे आरोपी तक पहुंचने में मदद कर दी। 

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