जन अल्फा का गुस्सा सातवें आसमान पर, आजादी के मंच से निकली स्कूल की शिकायत, जनसुनवाई पहुंचीं छात्राएं तो रास्ते में रोकने का आरोप, एफआईआर की धमकी का वीडियो वायरल धरनावदा पीएमश्री स्कूल की छात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस पर अतिथियों के सामने खोली अव्यवस्थाओं की पोल, मंगलवार को कलेक्ट्रेट जाते समय प्राचार्य की गाड़ी को रोकने का आरोप; कलेक्टर ने वन-टू-वन सुनी छात्राओं की बात।
नई पीढ़ी यानी जन अल्फा अब अपनी बात कहने से पीछे हटने वाली नहीं है। धरनावदा के पीएमश्री शासकीय विद्यालय की छात्राओं का गुस्सा स्वतंत्रता दिवस के मंच से शुरू हुआ और मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई तक पहुंच गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में जनप्रतिनिधियों और अतिथियों के सामने स्कूल की कथित अव्यवस्थाओं और प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाने वाली छात्राएं जब अपनी शिकायत लेकर गुना आ रही थीं, तो रास्ते में प्राचार्य की गाड़ी द्वारा उन्हें रोकने का प्रयास किए जाने का आरोप लगा। इस दौरान सामने आए वीडियो में प्राचार्य द्वारा वाहन चालक को छात्राओं के खिलाफ एफआईआर कराने की बात कहते हुए सुना जा रहा है। फिर भी छात्राएं नहीं रुकीं और आखिरकार कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के सामने अपनी बात रखी।
मामला धरनावदा स्थित पीएमश्री शासकीय विद्यालय का है। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाई और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं हैं, लेकिन जब विद्यार्थी इन समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया जाता है। छात्राओं के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और अतिथियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं तो कार्यक्रम में मौजूद लोगों का भी ध्यान इस ओर गया। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी बात रखने पर उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में कम नंबर देने और फेल करने तक की धमकी दी जाती है। विद्यार्थियों का कहना है कि इससे उनके बीच भय का माहौल बना हुआ है। अभिभावकों को लेकर भी छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब माता-पिता स्कूल की समस्याओं को लेकर प्राचार्य से चर्चा करने पहुंचते हैं तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया जाता है और कई बार स्कूल परिसर में आने से भी रोका जाता है।
छात्राओं ने स्कूल में व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े कुछ मुद्दे भी उठाए। उनका आरोप है कि स्कूल में तिलक लगाकर आने और कलावा बांधकर आने पर आपत्ति जताई जाती है। छात्राओं का कहना है कि चूड़ी पहनकर स्कूल आने पर भी उन्हें कथित तौर पर टिप्पणी सुननी पड़ती है। इन आरोपों ने स्वतंत्रता दिवस के मंच पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा था। मंगलवार को छात्राओं और विद्यार्थियों ने अपनी शिकायत कलेक्टर के सामने रखने का निर्णय लिया। वे वाहनों से धरनावदा से गुना के लिए रवाना हुए। जनसुनवाई में उन्होंने कलेक्टर के सामने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। कलेक्टर ने छात्राओं से वन-टू-वन चर्चा कर उनकी बात सुनी। छात्राओं ने स्कूल की व्यवस्थाओं की जांच कराने और प्राचार्य की कार्यप्रणाली की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। छात्राओं का कहना है कि स्कूल शुरू हुए करीब डेढ़ माह का समय बीत चुका है, लेकिन पढ़ाई व्यवस्था को लेकर वे संतुष्ट नहीं हैं। अब उनकी शिकायत पर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर बनी हुई है। दूसरी ओर, छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
इनका कहना है- आज पीएमश्री स्कूल धरनावदा के बच्चे मिलने आए थे। मैंने उनसे बातचीत की। उनका विषय वहां की प्राचार्या को लेकर है।हालांकि कल मैंने डीईओ को जांच के लिए बोला था, शाम तक रिपोर्ट आ जाएगी। उसमें संभवत: ऐसा भी लग रहा है कि कुछ स्कूल की टीचर और प्राचार्य के बीच लड़ाई झगड़ा है। बच्चेां के अंदर इस लेवल पर आक्रोष आना हमारे लिए भी चिंता का विषय है। बच्चों का काम पढ़ाई होना चाहिए। आज की जो यंग पीढ़ी है उनसे यही अपील है कि अपनी बात रखने के साथ धैर्य रखें।हमने जांच का बोला है, जांच कराएंगे फिर कार्रवाई करेंगे।