तमिलनाडु। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) सांसद कनिमोझी ने तमिलनाडु सरकार की मंत्री विरुधाई मगल कीर्तना से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए सार्वजनिक जीवन में महिलाओं पर होने वाले निजी हमलों की निंदा की। उन्होंने महिलाओं को उनके पहनावे, रूप-रंग और निजी जिंदगी को लेकर निशाना बनाना 'गंदी राजनीति' और पिछड़ी सोच बताया।
ऐसे हमलों से ही उन लोगों की दकियानूसी सोच का पता चलता है जो ऐसा करते हैं। महिलाओं को इन सब से पार पाना होगा और जीत हासिल करनी होगी।"
भाजपा नेता और तेलंगाना की पूर्व गवर्नर डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी ट्रोलिंग की निंदा की है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "मैं एक युवा महिला मंत्री के अपमानजनक और व्यक्तिगत ट्रोलिंग की कड़ी निंदा करती हूं। राजनीतिक मतभेद और वैचारिक असहमति कभी भी किसी महिला की गरिमा पर हमला करने का बहाना नहीं बनने चाहिए।"
उन्होंने लिखा, "उन्हें व्यक्तिगत हमलों से अपना बचाव करने में अपना कीमती समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।
इस तरह की ट्रोलिंग से अनावश्यक मानसिक दबाव बनता है और यह किसी भी महिला नेता के आत्मविश्वास, एकाग्रता और काम के नतीजों पर असर डाल सकती है। उनका समय और ऊर्जा उनके विभाग और लोगों की सेवा में लगनी चाहिए।"
डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "मैं यह साफ-साफ कहना चाहती हूं, अगर मैं उनकी गरिमा के लिए आवाज उठाती हूं, तो मुझे "ए टीम" या "बी टीम" कहकर ट्रोल करना शुरू न करें।
मैं भाजपा की एक अडिग महिला नेता हूं, जो अपनी विचारधारा पर मजबूती से कायम हूं। मैंने खुद ट्रोलिंग का सामना किया है और मैं जानती हूं कि इससे कितनी मानसिक परेशानी हो सकती है। फिर भी, मैं आत्मविश्वास से भरी, मजबूत और अडिग हूं। किसी महिला की गरिमा के लिए खड़े होना राजनीतिक टीमों के बारे में नहीं है।
यह बुनियादी शिष्टाचार की बात है। अगर आप किसी महिला राजनेता का विरोध करते हैं, तो राजनीतिक रूप से विरोध करें, व्यक्तिगत रूप से नहीं। उनकी नीतियों का जवाब तर्कों से दें, उनके बयानों का तथ्यों से और उनकी राजनीति का राजनीति से।"





