फतेहाबाद। टोहाना में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और वन विभाग के कर्मचारियों पर हमला करने का एक मामला सामने आया है। टोहाना डीआरडी मनियाना रोड पर नहर पुल से चंडीगढ़ रोड के किनारे लगे 18 सरकारी सफेदे के पेड़ों को चोरी की नीयत से काट दिया गया। जब वन विभाग की टीम ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, तो उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई।
इस मामले में पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपियों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और चोरी का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम में एक स्थानीय भाजपा नेता के बेटे का नाम सामने आने से राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।पुलिस को दी गई शिकायत में वन खंड अधिकारी टोहाना सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मनियाना रोड से चंडीगढ़ रोड के बीच सरकारी पेड़ों की अवैध कटाई चल रही है।
सूचना मिलते ही वन खंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह, वन रक्षक सोहन लाल बीट इंचार्ज और श्रमिक बलवान के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां दो युवक रजवाहे के किनारे लगे पेड़ों को काट रहे थे। जब वन विभाग की टीम ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने अपनी पहचान अमन और नरेश निवासी राजगढ़ डोभी, जिला जींद के रूप में दी। दोनों ने खुलासा किया कि वे टोहाना के एक आरा मशीन संचालक प्रिंस पुत्र सतीश कुमार के कहने पर इन पेड़ों को काट रहे थे। वन खंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार जब हमने दोनों युवकों को सरकारी पेड़ काटने से मना किया, तो वे भडक़ गए। उन्होंने हमारे साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और सरकारी ड्यूटी में बाधा डालते हुए हाथापाई पर उतारू हो गए। स्थिति बिगड़ती देख वन विभाग के अधिकारियों ने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को इसकी सूचना दी।
पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। मौके से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई है, जिसमें करीब 20 क्विंटल कटी हुई लकड़ी लदी हुई थी। वन विभाग के आकलन के अनुसार, आरोपियों ने बिना किसी अनुमति के 18 सफेदे के पेड़ काट डाले। इस अवैध कटाई से सरकार को भारी नुकसान हुआ है। जब्त की गई लकड़ी और काटे गए पेड़ों की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है।





