मानसून की विदाई का दौर शुरू होने के साथ ही एक बार फिर एनसीआर के मौसम का मिजाज बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में आज और कल बारिश होने की संभावना है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम में बदलाव का सीधा असर अधिकतम तापमान पर देखने को मिलेगा और आने वाले दिनों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
वहीं, 2 सितंबर को तापमान में और गिरावट का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दिन सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 3 और 4 सितंबर को भी मौसम राहत देने वाला रह सकता है।
दोनों दिनों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोनों दिन सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
5 सितंबर को बारिश की संभावना कम होने और मौसम के आंशिक रूप से बादलों से घिरे रहने का अनुमान है।
इस दिन अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मौसम में बदलाव के बीच वायु गुणवत्ता की स्थिति पर भी नजर बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स में काफी अंतर दर्ज किया गया।
अशोक विहार में एक्यूआई 131, बवाना में 110, बुराड़ी क्रॉसिंग में 108, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 110, सीआरआरआई मथुरा रोड में 137 और डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 113 दर्ज किया गया।
वहीं, अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति वाले इलाकों में अया नगर का एक्यूआई 69, कैंटोनमेंट एरिया का 88 और चांदनी चौक का 86 दर्ज हुआ।
यानी दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में हवा की गुणवत्ता एक समान नहीं है और कुछ स्थानों पर प्रदूषण का स्तर अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बना हुआ है।
गाजियाबाद के मॉनिटरिंग स्टेशनों पर भी वायु गुणवत्ता में काफी अंतर दिखाई दिया। गोविंदपुरम में एक्यूआई 102, इंदिरापुरम में 53, लोनी में 163, संजय नगर में 50 और वेद विहार-लोनी में 145 दर्ज किया गया।
इनमें लोनी का एक्यूआई 163 सबसे अधिक रहा, जबकि संजय नगर में यह 50 और इंदिरापुरम में 53 दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, बारिश और तेज हवाओं से अगले एक-दो दिनों में वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को कुछ और भी राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश रुकने के बाद प्रदूषण की स्थिति फिर बदल सकती है।





