चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिन्ह और नाम फ्रीज कर दिया है, उसके इस एक फैसले ने इंडिया गठबंधन को एकजुट कर दिया है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है, बल्कि यह हर उस पार्टी और वोटर की है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। चुनाव आयोग के फैसले के तुरंत बाद कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने प्रतिक्रिया दी। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी तंज कसा। दरअसल लोकसभा चुनाव के बाद से ही इंडिया गठबंधन अलग-थलग दिख रहा था, लेकिन चुनाव आयोग के इस फैसले ने गठबंधन को फिर से करीब ला दिया है। राहुल के साथ-साथ अन्य विपक्षी नेता भी ममता बनर्जी के साथ आते दिख रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने दावा किया कि वोट चोरी, सरकार चोरी, अब पार्टी चोरी, ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा- यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है। पहले शिवसेना, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न, बीजेपी और निर्वाचन आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बीजेपी ने असंवैधानिक रूप से एआईटीसी के नाम और चुनाव चिह्न पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा- यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की ओर से मोदीजी को देर रात दिया गया जन्मदिन का तोहफा है। चुनाव आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बीजेपी के हाथों की कठपुतली के अलावा और कुछ नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि इस पार्टी को ममता बनर्जी ने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के साथ बनाया था। टीएमसी का राज्य और देश की राजनीति में अहम योगदान रहा है। जिस तरह शिवसेना बाला साहेब ठाकरे की पार्टी रही है, वैसे ही तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी की पार्टी है।
रिपोर्ट के मुताबिक सपा नेता अखिलेश यादव ने भी टीएमसी के मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने के लिए फैसले ले तो उसके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी और कुछ नहीं कहना है, बस इतना पूछना है कि हमारे द्वारा चुनाव आयोग में जमा किए गए एफिडेविट मिले क्या? बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न पर कहा कि टीएमसी आपस में लड़ाई करके खत्म हो रही है। जनता ने उन्हें नकार दिया है उनके सांसद किसी दूसरे दल में है और ममता बनर्जी अकेली हैं उनके हाथ में कोई दस्तावेज नहीं है और फैसला चुनाव आयोग लेगा।